Monday vibes: हिंदू धर्म की विशेषता है कि यहां सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होता है। सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। मान्यता है कि सोमवार के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से हमारे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। घर परिवार में सुख समृद्धि और धन वैभव का आगमन होता है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार सोमवार का प्रत्यक्ष संबंध चंद्रमा से होता है। चंद्रमा भावना, मानसिक शांति और मन का प्रतीक होता है। ऐसे में कई ऐसे कार्य हैं जो सोमवार को नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से विपरीत परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
क्रोध और कटु वचन के प्रयोग से बचें: भगवान भोलेनाथ शांत स्वभाव के देवता हैं। वो जब कुपित होते हैं तो प्रलय आ जाता है। सोमवार के दिन अपना स्वभाव शांत रखें। किसी के भी प्रति कड़वे बोल न बोलें। किसी के भी प्रति मन में क्रोध पालकर न रखें। सोमवार के दिन ऐसा करना शुभ नहीं होता। ऐसा करने से कुंडली का चंद्रमा कमजोर होता है। सोमवार के दिन धैर्य, संयम और प्रेम का परिचय दें।
भूल कर भी मांस मदिरा का सेवन न करें: हिंदू परंपरा में मांसाहार और जीव हत्या को कभी भी सही नहीं माना गया है। सोमवार के दिन अगर आप भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो उस दिन मांस मछली अंडे और शराब का सेवन न करें। सोमवार के दिन मन को पवित्र रखें और सात्विक भोजन ग्रहण करें। भगवान शिव के उपासक तो सोमवार के दिन प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करते हैं।
शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर न चढ़ाएं: सोमवार के दिन भगवान शंकर की पूजा की जाती है। अगर आप भी भगवान शिव के उपासक हैं तो इस बात का खास ख्याल रखें कि सोमवार के दिन शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर अर्पित नहीं किया जाता। कई विद्वानों का यहां तक कहना है कि सोमवार के दिन ही नहीं बल्कि किसी भी दिन शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर अर्पित नहीं करना चाहिए। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करनी हो तो उन्हें जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद चंदन और अक्षत अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही सोमवार के दिन भगवान शिव को पीले रंग की मिठाई का भोग भी नहीं लगाना चाहिए। इस बात का खास ख्याल रखें।
खास दिशाओं में यात्रा से बचना चाहिए: मान्यताओं के अनुसार सोमवार को पूर्व, उत्तर और आग्नेय दिशा में यात्रा करने से परहेज करना चाहिए। खास तौर पर पूर्व दिशा में सोमवार के दिन दिशाशूल होता है। ऐसी यात्रा करने से बाधा और असफलता ही प्राप्त होती है। अगर खास परिस्थितियों में इन दिशाओं में यात्रा जरुरी हो तो घर से निकलने के पहले आइने में अपना चेहरा देखें। मन में ओम नमः शिवाय का जाप करें और घर के बाहर कदम रखने से पहले अपने कदम को सात कदम पीछ ले जाएं फिर आगे कदम बढ़ाकर निकल जाएं। घर की चौखट से बाहर कदम रखने के बाद वापस घर की ओर मुड़कर न देखें।
प्राचीन सनातन परंपरा में सोमवार को भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना, आराधधन और सकारात्मक उर्जा प्राप्त करने का दिन माना जाता है। हमनें जो तमाम बातें बताई है वो आस्था, विश्वास और मान्यताओं पर आधारित है। अगर सच्चे मन और श्रद्धा भावना के साथ भगवान भोलेनाथ की उपासना की जाए तो जीवन में प्रगति, मानसिक शांति और सकारात्मकता का अनुभव प्राप्त हो सकता है।
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