Bihar Tourism: बिहार का राजगीर, प्राचीन समय से ही देशी और विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। भगवान बुद्ध और मगध साम्राज्य की अनगिनत कहानियों को अपने आंचल में समेटे यह ऐतिहासिक शहर आज भी लोगों को आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव कराता है। यही कारण है कि बिहार सरकार राजगीर को और अधिक आकर्षक बनाने तथा यहां आने वाले पर्यटकों का ठहराव बढ़ाने के लिए लगातार नई–नई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में अब राजगीर में रात्रिकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है।

राज्य सरकार ने इसके लिए लगभग चार करोड़ 99 लाख 67 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना का सबसे अहम हिस्सा है — वेणुवन, जिसे विकसित कर शाम और रात के समय एक जीवंत और मनमोहक पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। आपको बता दें कि वेणुवन न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यह भगवान बुद्ध और राजा बिंबिसार से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए गृद्धकूट पर्वत के बाद वेणुवन को दूसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। यही कारण है कि यहां हर साल कुछ न कुछ नया विकास कार्य किया जाता है, ताकि दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
नई योजना के तहत वेणुवन में आधुनिक तकनीक से लैस संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। यहां लेजर लाइट एंड साउंड शो, ध्वनि प्रणाली, और जल फव्वारा प्रणाली की मदद से भगवान बुद्ध के जीवन और राजगीर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया जाएगा। यह शो न केवल रोशनी और संगीत से सजा होगा, बल्कि फव्वारों और प्रोजेक्शन के माध्यम से दर्शकों को एक गहन और मनमोहक अनुभव भी प्रदान करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटक यहां रात में भी रुकें और राजगीर के इतिहास को आधुनिक तकनीक की रोशनी में महसूस कर सकें।

इस योजना के अंतर्गत पुराने ढांचों को हटाकर लगभग 5600 वर्ग मीटर क्षेत्र का भूमि विकास किया जाएगा। नई बाउंड्री वॉल, पाथवे, और बैठने की सुविधाओं का निर्माण होगा। विशेष ध्यान दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा पर दिया जा रहा है, ताकि हर वर्ग के लोग बिना किसी कठिनाई के यहां का आनंद उठा सकें।
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा इस परियोजना के पहले साल के कार्य के लिए 64.80 लाख रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। योजना को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जब यह काम पूरा हो जाएगा, तो वेणुवन का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यह न केवल धार्मिक महत्व वाला स्थल होगा बल्कि एक भव्य और आकर्षक नाइट–टूरिज्म डेस्टिनेशन भी बन जाएगा।
इसके साथ ही यह परियोजना राज्य के ईको–टूरिज्म को भी मजबूत करेगी। प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को जोड़कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा मिलेगा। यहां पर्यटन के बढ़ने से होटल, रेस्त्रां, गाइड और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

राजगीर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्ध धर्म के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में जाना जाता है। हर साल हजारों की संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी, विशेष रूप से एशियाई देशों से, यहां पहुंचते हैं। लेकिन अब सरकार का लक्ष्य है कि ये पर्यटक सिर्फ दिनभर के लिए नहीं, बल्कि रातभर रुककर यहां की संस्कृति और इतिहास को और गहराई से अनुभव करें। यही वजह है कि रात्रिकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने पर इतना जोर दिया जा रहा है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद राजगीर का नाम न सिर्फ भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और भी चमकने लगेगा। वेणुवन का यह नया रूप लोगों को न केवल इतिहास और धर्म से जोड़ेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उन्हें ऐसा अनुभव देगा जिसे वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।
राजगीर की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि अगर सरकार और स्थानीय प्रशासन मिलकर योजनाबद्ध तरीके से काम करें तो हमारी विरासतें न केवल सुरक्षित रह सकती हैं बल्कि नई पीढ़ी के लिए और भी ज्यादा आकर्षक बन सकती हैं। आने वाले समय में निश्चित रूप से वेणुवन का यह रूप बिहार के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और राजगीर में देशी–विदेशी सैलानियों का ठहराव और भी बढ़ जाएगा।
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