Bihar House Boat: बिहार में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने रविवार को चेनारी प्रखंड स्थित दुर्गावती जलाशय में हाउसबोट क्रूज सेवा का उद्घाटन किया। इसके साथ ही करमचट डैम पर 14.91 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले गुप्ताधाम इको–पर्यटन विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। यह पहल न केवल आस्था और पर्यटन को नई दिशा देगी, बल्कि स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी मजबूती प्रदान करेगी।

गुप्ताधाम की धार्मिक और पौराणिक महत्ता
गुप्ताधाम केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि गहरी धार्मिक और पौराणिक आस्था से जुड़ा स्थान है। मान्यता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए कैमूर पहाड़ियों की गुफा में शरण ली थी, जिसके कारण इस स्थान को गुप्ताधाम कहा जाने लगा। यही नहीं, भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार से ‘मोहनियां’ और भस्मासुर की कथा से ‘भभुआ’ नाम पड़ा। सावन के पावन महीने में यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा–अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र को इको–टूरिज्म से जोड़ना धार्मिक आस्था के साथ–साथ पर्यटन और स्थानीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
14.91 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास
करमचट डैम पर शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार इको–टूरिज्म, धार्मिक स्थलों का संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को साथ लेकर चल रही है। यह एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता और संकल्प का परिणाम है कि आज गुप्ताधाम जैसे क्षेत्र को नए स्वरूप में विकसित करने का काम किया जा रहा है। आने वाले समय में यह स्थान न केवल बिहार बल्कि देश के टूरिज्म मैप पर विशेष पहचान बनाने जा रहा है।

हाउसबोट सेवा बनेगी मुख्य आकर्षण
दुर्गावती जलाशय में जल्द ही पर्यटकों के लिए शुरू होने वाली हाउसबोट सेवा यहां का मुख्य आकर्षण होगी। ट्रायल के बाद शुरू की जाने वाली इस सेवा में एक बार में 8 से 10 लोगों के ठहरने की सुविधा होगी। इन दोनों हाउसबोट्स को आधुनिक और लग्जरी सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें एसी कमरे, मॉड्यूलर किचन और आधुनिक बाथरूम जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सैलानी यहां स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हुए झरनों और पहाड़ों के बीच प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठा सकेंगे।
पर्यटन और रोजगार को नई दिशा
इस नई पहल से क्षेत्रीय पर्यटन को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। होटल, गाइड, परिवहन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार के द्वार खुलेंगे। प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध यह इलाका अब बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक नए आकर्षण केंद्र के रूप में तेजी से उभरने जा रहा है।
गुप्ताधाम इको–पर्यटन विकास योजना और दुर्गावती जलाशय की हाउसबोट सेवा सिर्फ एक पर्यटन परियोजना नहीं है, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने वाला बड़ा कदम है। यह पहल निश्चित ही आने वाले समय में बिहार की पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
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