Vastushastra: बहुत से लोगों की अलमारी का हाल कुछ ऐसा होता है कि कपड़े निकालते–निकालते पूरा सामान बिखर जाता है। ऊपर से कई ऐसे पुराने कपड़े भी पड़े रहते हैं, जिन्हें महीनों या सालों से पहना तक नहीं गया। कुछ कपड़े इतने पुराने हो जाते हैं कि बस जगह घेरते रहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि घर में इस तरह कपड़ों का जमा रहना वास्तु और ज्योतिष की नजर से भी खास माना जाता है?
वास्तु और ज्योतिष की कुछ मान्यताओं के अनुसार अलमारी में लंबे समय तक पड़े पुराने, फटे, गंदे और अनुपयोगी कपड़े घर के सकारात्मक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। माना जाता है कि बिखरी हुई चीजें नकारात्मक ऊर्जा और राहु से जुड़ी अशुभता को बढ़ा सकती हैं। इसलिए घर की अलमारी को साफ–सुथरा और व्यवस्थित रखना जरूरी बताया जाता है।

अब सवाल है कि आखिर अलमारी में रखे कपड़ों का राहु से क्या संबंध बताया जाता है? ज्योतिषीय मान्यताओं में राहु को अव्यवस्था, भ्रम और नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में जब अलमारी में कपड़े बेतरतीब पड़े हों, गंदे कपड़े लंबे समय तक जमा हों या ऐसे कपड़े रखे हों जिनका इस्तेमाल ही नहीं होता, तो इसे शुभ नहीं माना जाता।
इसलिए समय–समय पर अपनी अलमारी की सफाई करना अच्छा माना जाता है। आसान भाषा में कहें तो हर 3 से 6 महीने में एक बार अलमारी खोलकर देख लीजिए कि कौन से कपड़े आप इस्तेमाल कर रहे हैं और कौन से बस जगह घेर रहे हैं। जो कपड़े पहनने लायक हैं लेकिन आपके काम नहीं आ रहे, उन्हें किसी जरूरतमंद को दान किया जा सकता है। वहीं जो कपड़े पूरी तरह खराब हो चुके हैं, उन्हें घर में जमा करके रखने के बजाय उचित तरीके से हटा देना बेहतर है।
सिर्फ कपड़े ही नहीं, बल्कि गंदे तौलिये, चादर और बिस्तर को लेकर भी ऐसी ही मान्यताएं बताई जाती हैं। कई लोग एक ही तौलिया या चादर को लंबे समय तक इस्तेमाल करते रहते हैं। घर की साफ–सफाई और स्वच्छता के लिहाज से भी इन्हें नियमित रूप से धोना जरूरी है। अलमारी में कपड़ों को तह लगाकर रखना और इस्तेमाल के हिसाब से अलग–अलग व्यवस्थित करना घर को साफ और व्यवस्थित रखने में मदद करता है।
ज्योतिष में कपड़ों के रंगों को भी अलग–अलग ग्रहों से जोड़ा जाता है। मान्यता के अनुसार पीला रंग गुरु, सफेद रंग चंद्रमा और शुक्र, लाल रंग मंगल, हरा रंग बुध, जबकि काला और गहरा नीला रंग शनि से संबंधित माना जाता है। हालांकि इन बातों का आधार ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से इनके प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है।
एक और बात का ध्यान रखना चाहिए। पुराने कपड़ों से घर या फर्नीचर की सफाई करने की सलाह कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में नहीं दी जाती। माना जाता है कि इससे घर में आर्थिक परेशानियों की स्थिति बन सकती है। इसलिए बेहतर है कि सफाई के लिए अलग कपड़े का इस्तेमाल किया जाए और पुराने कपड़ों को बेवजह घर में जमा न किया जाए।
अगर आप पुराने कपड़े दान करना चाहते हैं तो एक छोटी–सी बात का ध्यान जरूर रखें। कपड़े साफ, धुले हुए और पहनने योग्य होने चाहिए। किसी जरूरतमंद को गंदे या फटे कपड़े देना उचित नहीं माना जाता। कुछ ज्योतिषाचार्य दान से पहले कपड़ों को नमक वाले पानी से धोने की सलाह भी देते हैं। हालांकि यह भी धार्मिक–ज्योतिषीय मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
तो अगली बार जब आप अपनी अलमारी खोलें और वहां सालों पुराने कपड़ों का ढेर नजर आए, तो एक बार जरूर सोचिए कि इनमें से कितने कपड़े वास्तव में आपके काम के हैं। बाकी कपड़ों को व्यवस्थित करना, जरूरतमंदों को देना या उचित तरीके से हटाना न सिर्फ घर को साफ रखेगा, बल्कि आपको भी हल्का और व्यवस्थित महसूस करा सकता है।
डिस्क्लेमर: इस वीडियो में बताई गई बातें वास्तु शास्त्र और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण या गारंटी नहीं है। इन्हें किसी अंधविश्वास के रूप में न लें। घर की सफाई, स्वच्छता और चीजों को व्यवस्थित रखना व्यावहारिक रूप से भी फायदेमंद है। किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक, स्वास्थ्य या जीवन संबंधी फैसले केवल इन मान्यताओं के आधार पर न लें।
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