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टी20 क्रिकेट में सुपर ओवर मेडन फेंकने वाला विश्व का पहला और एकमात्र गेंदबाज

जो करोड़ों कमाकर भी 2 कमरों वाले छोटे से घर में रहता है

जिसके होने से चैंपियन बन जाती है टीम

जो अपने पूरे करियर में सिर्फ एक ही आईपीएल टीम के होकर रहे

आईपीएल का सफलतम गेंदबाज, जिसके नाम है सबसे तेज अर्द्धशतक लगाने का रिकॉर्ड

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दोस्तों, क्रिकेट की दुनिया में हर खिलाड़ी अपनी अलग और विशिष्ठ पहचान बनाना चाहता है. कोई अपने खेल से नाम बनाता है तो कोई अपने खेलने के तरीके से. कोई टेस्ट का बादशाह होता है तो कोई सिमित ओवरों का शहंशाह होता है. आज जिस खिलाड़ी की बात करने जा रहे हैं, वह अपन दमदार प्रदर्शन के लिए तो जाना ही जाता है लेकिन और भी बहुत कुछ है, जिस वजह से विश्व क्रिकेट में उनका नाम एक अलग स्थान बनाए हुए है.

यह खिलाड़ी दुनियाभर के फ्रेंचाइजी टी20 लीग का सबसे चर्चित चेहरा है. एक बेहतरीन स्पिनऑलराउंडर के रूप में इन्होने अपनी पहचान बनाई है. इस खिलाड़ी के नाम टी20 क्रिकेट में सुपर ओवर मेडन फेंकने का रिकॉर्ड है. यह उपलब्धि हासिल करने वाले वो विश्व के इकलौते गेंदबाज हैं.

बात होगी एक हैरतंगेज खिलाड़ी की, जिसे दुनिया सुनील नरेन के नाम से जानती है. इस लेख में हम सुनील नरेन के क्रिकेट करियर और जीवन की कुछ जानीअनजानी और अनकही बातों को जानने की कोशिश करेंगे.

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सुनील नरेन का जन्म 26 मई, 1988 को अरिमा , ट्रिनिडाड एंड टोबैगो में हुआ था. सुनील के पिता शादीद नरेन एक रेस्त्रां के टैक्सी ड्राईवर थे, नरेन की मां का नाम क्रिस्टीना था. सुनील नरेन के पिता खुद एक क्रिकेट लवर थे और भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के डाई हार्ड फैन. इसलिए उन्होंने अपने बेटे के नाम उन्हीं के नाम पर रखा यहां तक कि वो अपनी बेटी का नाम भी सुनीली रखना चाहते थे लेकिन मां को यह पसंद नहीं आया और उन्हें यह नाम रखने से मना कर दिया.

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पिता को क्रिकेट से बेहद प्यार था और वो अपने बेटे को एक उम्दा क्रिकेटर बनाना चाहते थे. इसलिए उन्होंने 7 वर्ष की उम्र से ही सुनील नरेन को क्रिकेट की ट्रेनिंग दिलवाने लगे थे. सुनील दाहिने हाथ से ऑफस्पिन गेंदबाजी करते थे और बाएं हाथ से बल्लेबाजी. सुनील नरेन ने 2006 में एक अंडर-19 ट्रायल मैक के दौरान ख्याति प्राप्त की थी, जहां उन्होंने एक पारी में 55 रन देकर 10 विकेट ले लिए थे. इसके 3 साल बाद नरेन ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो की तरफ से अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. फरवरी, 2009 में एक रीजनल चार दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान, जिसमें नरेन ने 13 ओवर फेंके लेकिन उन्हें कोई विकेट प्राप्त नहीं हुआ था. इसके बाद करीब एक साल तक उन्होंने एक भी फर्स्ट क्लास मुकाबला नहीं खेला था. फिर आया साल 2011, जो नरेन के लिए करियर टर्निंग साल रहा. 20 जनवरी, 2011 यही वह दिन दिन था जब नरेन ने अपने करियर का पहला टी20 मुकाबला खेला था. लेकिन अपने पहले टी20 मैच में वो विकेटलेस रहे थे. अंत में उनकी टीम त्रिनिदाद एंड टोबैगो ने कम्पटीशन जीता और नरेन ने 13.40 की औसत से 5 विकेट लिए थे. कम्पटीशन जीतकर त्रिनिदाद एंड टोबैगो की टीम ने 2011 चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 के लिए क्वालीफाई किया, जो कि सितंबर और अक्टूबर में खेला गया था. नरेन टूर्नामेंट के उन 3 गेंदबाजों में से एक थे, जिन्होंने 10 या उससे अधिक विकेट लिए थे.

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20 अक्टूबर, 2011 को सुनील नरेन ने रीजनल सुपर 50 कम्पटीशन से अपना लिस्ट ए डेब्यू किया था. अपने डेब्यू मैच में नरेन ने 35 रन देते हुए 1 विकेट चटकाया था. इस कम्पटीशन में भी त्रिनिदाद एंड टोबैगो की जीत हुई और 15 विकेटों के साथ सुनील नरेन टूर्नामेंट के लीडिंग विकेटटेकर बने. 39 विकेटों के साथ सुनील नरेन चैंपियंस लीग टी20 टूर्नामेंट के सर्वकालिक लीडिंग विकेटटेकर हैं.

इसी साल यानी 2011 में ही नवंबरदिसंबर में वेस्टइंडीज की टीम ने भारत का दौरा किया था, जिसमें नरेन को स्क्वाड में शामिल किया गया था. 6 दिसंबर को सीरीज के तीसरे वनडे मैच से नरेन ने अपना वनडे अंतराष्ट्रीय डेब्यू किया था. विराट कोहली के रूप में सुनील नरेन ने अपना पहला वनडे इंटरनेशनल विकेट हासिल किया था. अपने डेब्यू मैच में नरेन ने विराट के अलावा रविचंद्रन अश्विन को भी आउट किया था. नरेन की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत वेस्टइंडीज ने 16 रनों से जीत दर्ज की थी. अगले दोनों मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की थी और नरेन 87 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लेने में कामयाब रहे थे.

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वापस घर में नरेन ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो की तरफ से फरवरी, 2012 में 3 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 9.61 की औसत से 31 विकेट चटकाए थे और टीम के लीडिंग विकेट टेकर रहे थे. इसके बाद मार्च के महीने में ऑस्ट्रेलियाई टीम वेस्टइंडीज पहुंची और 5 मैचों की वनडे सीरीज से शुरुआत की. नरेन और तेज गेंदबाज केमार रोच 11-11 विकेटों के साथ सीरीज के लीडिंग विकेटटेकर रहे थे और वो सीरीज 2-2 से ड्रा हुई थी.

केमार रोच के चोटिल होने के बाद और आईपीएल 2012 के समापन के बाद सुनील नरेन का नाम वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में ड्राफ्ट किया गया था ; इंग्लैंड के खिलाफ जून, 2012 में तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए. उस वक्त नरेन को टेस्ट क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं था, उन्होंने सिर्फ 6 फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले थे. शेन शिलिंगफोर्ड को रिप्लेस करते हुए सुनील नरेन ने 10 जून, 2012 को अपना टेस्ट इंटरनेशनल डेब्यू किया था.

16 जुलाई, 2012 को सुनील नरेन के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को पांचवें और अंतिम वनडे मैच में 20 रनों से हराया और 4-1 से सीरीज अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की थी. नरेन ने 28 रन देकर 5 विकेट लिए थे. करियर के अपने दूसरे टेस्ट अंतराष्ट्रीय मैच में सुनील नरेन प्लेयर ऑफ द मैचबने थे. क्योंकि फाइवविकेट हॉल के साथ उन्होंने मैच में कुल 8 विकेट झटके थे.

8 मार्च 2014 को 784 अंकों के साथ सुनील नरेन ICC टी20 बौलर्स रैंकिंग में टॉप पर पहुंचे थे. नंबर-2 पर खड़े पाकिस्तान के सईद अजमल 714 अंकों के साथ नरेन से काफी पीछे थे. किसी भी टी20 मुकाबले में सुपर ओवर मेडन फेंकने वाले वो विश्व के एकमात्र गेंदबाज हैं.

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मई, 2018 में नरेन का नाम ग्लोबल टी20 कनाडा क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले एडिशन के 10 मार्की खिलाड़ियों में शामिल था. 3 जून, 2018 को उनको मोंट्रियल टाइगर्स की टीम में चुना गया था. इंडियन प्रीमियर लीग 2018 में वो दूसरी बार टूर्नामेंट के मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयरबने थे. मार्च, 2019 में नरेन ने अपना 100वां आईपीएल मैच खेला था. अक्टूबर, 2018 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग के ढाका डायनामाइटस की तरफ से खेलने के लिए उनको चुना गया था.

जुलाई, 2020 में कैरिबियन प्रीमियर लीग खेलने के लिए उनको ट्रिनबागो नाइट राइडर्स में चुना गया था. 2020-21 सुपर50 कप के दौरान सुनील नरेन ने अपना 100वां लिस्ट ए मैच खेला था.

इंग्लैंड की बहुप्रतीक्षित क्रिकेट लीग द हंड्रेडके 2022 सीजन में उनको ओवल इन्विनसिबल्स ने खरीदा.

आईपीएल 2021 में लाजवाब प्रदर्शन के बावजूद सुनील नरेन को 2021 ICC टी20 वर्ल्ड कप के लिए वेस्टइंडीज के स्क्वाड में नहीं चुना गया था, जिसने कई सवाल खड़े किए और इसपर काफी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली थी. 6 अगस्त, 2019 को भारत के खिलाफ सुनील नरेन आखिरी बार वेस्टइंडीज की जर्सी में दिखे थे. वेस्टइंडीज की टीम तो उनको लेना भी चाहे मगर नरेन कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते.

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सुनील नरेन को उनकी खतरनाक गेंदबाजी के चलते मिस्ट्री स्पिनरकी ख्याति प्राप्त है. हालाँकि अपनी बॉलिंग एक्शन के चलते वो कई मौकों पर विवादों में भी रहे और उन्हें सस्पेंशन भी झेलना पड़ा. वो बैन के चलते 2014 चैंपियंस लीग टी20 टूर्नामेंट नहीं खेल सके थे. नवंबर 2015 को उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में गेंदबाजी करने से बैन कर दिया गया था. श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे मैच उनके एक्शन पर सवाल उठाए गए थे. हालांकि 2016 के अप्रैल महीने में उनको हर फॉर्मेट में गेंदबाजी करने की अनुमति मिल गई थी.

नरेन के एक्शन पर फिर एक बार 2018 पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान सवाल उठाए गए थे, हालांकि उनको तुरंत ही क्लीयरेंस मिल गई थी. आईपीएल 2020 के दौरान एक बार फिर उनकी गेंदबाजी एक्शन पर सवाल खड़े किए गए लेकिन IPL की सस्पेक्ट बॉलिंग एक्शन कमिटी ने उसी सीजन नरेन को क्लीन चीट दी. इन्हीं सब वजहों से नरेन का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर लंबा नहीं रहा.

सुनील नरेन ने वेस्टइंडीज के लिए 6 टेस्ट, 65 वनडे, और 51 टी20 मैच खेले हैं. नरेन ने टेस्ट में 21, वनडे में 92 और टी20 में 52 विकेट चटकाए हैं. ओवरऑल टी20 आंकड़ो को देखें तो नरेन के नाम 442 मैचों में 484 विकेट दर्ज हैं. आईपीएल के 151 मैचों में सुनील नरेन ने 158 विकेट चटकाए हैं और 1032 रन बनाए हैं. खास बात ये है कि 2012 में अपना आईपीएल डेब्यू करने वाले सुनील नरेन सिर्फ एक ही टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए ही खेले.

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लेकिन सुनील नरेन की जो सबसे खास बात है वो ये है कि उनके होने से टीम चैंपियन बन जाती है, ये नरेन का इतिहास रहा है. 2012 में वेस्टइंडीज टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनी थी, जब नरेन टीम का हिस्सा थे. आईपीएल में उनकी मौजूदगी में KKR 2012 और 2014 में चैंपियन बनी. इसके अलावा वेस्टइंडीज की घरेलु टीम भी उनके रहते चैंपियन बनी थी. इसलिए सुनील नरेन टीमों के लकी चार्म बने हुए हैं.

दुनियाभर की टी20 फ्रेंचाइजी लीग से करोड़ों कमाने वाले सुनील नरेन आज भी 2 कमरों वाले छोटे से मकान में रहते हैं, जो उनके पिता ने कई सालों पहले खरीदा था. क्योंकि नरेन को सादगी भरी जिंदगी पसंद है. इसलिए नरेन आज के क्रिकेटरों के लिए एक प्रेरणा का सागर हैं.

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सुनील नरेन ने 10 नवंबर, 2013 को नंदिता कुमार के साथ भारतीय रीति रिवाजों के अनुसार शादी रचाई थी. मां दुर्गा को मानने वाली नंदिता एक नेल आर्टिस्ट हैं.

सुनील नरेन द्वारा बनाए गए कुछ अद्भुत रिकॉर्ड के बारे में बताना जरुरी हो जाता है

टी20 क्रिकेट में सुपरओवर मेडन फेंकने वाले वो विश्व के इकलौते गेंदबाज हैं.

चैंपियंस लीग टी20 के इतिहास में नरेन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं.

आईपीएल के इतिहास में सिर्फ एक ही टीम से खेलने वाले वो चुनिंदा खिलाड़ी हैं, इसके अलावा विकेटों के मामले में भी वो लीग के टॉप-10 गेंदबाजों में शुमार हैं.

आईपीएल के इतिहास में सबसे तेज अर्द्धशतक जड़ने के मामले में वो दूसरे नंबर पर हैं, उन्होंने RCB के खिलाफ 15 गेंदों में अर्द्धशतक लगा दिया था.

तो ये हैं सुनील नरेन, फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग के सबसे चहेते खिलाड़ी, जो आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के ट्रम्प कार्ड हैं. सुनील नरेन के क्रिकेट करियर पर आप क्या राय रखते हैं ? कमेन्ट करके जरुर बताएं.

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