grandXllince

बिहार में जारी सियासी घमासान के बीच में अब यह पुछा जा रहा है कि विपक्षी एकता कब बनेगी. कब बीजेपी के खिलाफ पूरे देश का विपक्ष एकजुट होगा. बीजेपी के चाहने वाले या कहें बीजेपी के नेता यह भी कहते हैं कि विपक्ष कभी एकजुट हो ही नहीं सकता है. सबके अपने अपने फायदें हैं वे उससे अलग नहीं जा सकते हैं. खैर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले दिनों दिल्ली के दौरे पर थे और वे इन्ही विपक्षी एकता को साधने के लिए गए थे जिसमें कांग्रस से लेकर वाम दलों के नेताओं तक की इनकी मुलाकात हुई है, बता दें कि इस दौरान अरविंद केजरीवाल से भी नीतीश कुमार की मुलाकात हुई है. ऐसे में अब यही कहा जा रहा है कि ये सभी नेता एक मंच पर कैसे आ पाएँगे.

341300424 612531697089517 8682094812447085054 n

आपको बता दें कि विपक्ष इन दिनों दो अलग अलग धड़ों में बंटा हुआ है. एक तरफ जहां कांग्रेस के समर्थन में कुछ पार्टियां है तो कुछ पार्टियां कांग्रेस के साथ आना नहीं चाह रहे हैं. ऐसे में अब विपक्ष को एकजुट करना नीतीश कुमार के सबसे सबसे बड़ी चुनौती है. कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव. ममता बनर्जी, केसीआर ये वो नेता हैं जो बीजेपी का तो विरोध करते हैं लेकिन साथ ही साथ कांग्रेस के साथ जाना भी नहीं चाहते हैं. केजरीवाल खुद कांग्रेस को सत्ता से हटा कर दिल्ली की गद्दी पर बैठे हैं तो वहीं ममता बनर्जी की भी कांग्रेस से लड़ाई रही है. ऐसे मे हर कोई यही कह रहा है कि ये गठबंधन होता तो कैसे होगा. इस गठबंधन को लेकर ABP न्यूज से बात करते हुए राजद से राज्यसभा सांसद मनोज झा ने बड़ा बयान दिया है.

340927034 582015583894689 8820043698817541514 n

विपक्षी एकता और गठबंधन को लेकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 4 महीने के अंदर विपक्ष का गठबंधन होगा. सभी एक साथ मंच साझा करेंगे. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि चेहरे की इर्द गिर्द राजनीति नहीं होगी ताकि लोकतंत्र कमजोर न हो. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश की जिम्मेदारी है कि वो कुछ लोगों से बात करेंगे. कुछ लोगों से बात करने की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को दी गई है. हालांकि इस दौरान मनोज झा से यह भी पुछा गया है कि नीतीश कुमार जो लिफाफा लेकर गए थे उसका क्या हुआ तब उन्होंने कहा कि लिफाफे की राजनीति बीजेपी करती है उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश और तेजस्वी यादव राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने पहुंचे थे वहां लिफाफा खुला था ताकि सभी दलों का एक दूसरे के बीच में संवाद स्थापित किया जा सके. तब उनसे बिहार की सियासत के बारे में पुछा गया कि क्या तेजस्वी सीएम बनने वाले हैं इसपर उन्होने कहा कि न तो तेजस्वी को सीएम बनना है और न ही नीतीश कुमार को पीएम. ये बात दोनों पहले ही कह चुके हैं.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *