passport office: बिहार में पासपोर्ट सेवा का विस्तार, सालाना 3 से 4 लाख पासपोर्ट का निर्माण
पटना, 28 मार्च: बिहार में पासपोर्ट बनाने की ललक तेजी से बढ़ रही है और अब यहां सालाना लगभग 3.5 से 4 लाख पासपोर्ट जारी हो रहे हैं। राज्य सरकार केंद्रीय विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर लोगों की सुविधा के लिए काम कर रही है। बिहार के लगभग सभी जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए हैं, जिससे नागरिकों को अब अपने जिले में ही पासपोर्ट बनाने की सुविधा मिल रही है।
बिहार के 40 लोकसभा क्षेत्रों में से 39 में पासपोर्ट सेवा केंद्र
राज्य के 40 लोकसभा क्षेत्रों में से 39 में पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) खोले जा चुके हैं, जिनमें पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) भी शामिल हैं। यह पहल राज्य के मुख्यालयों को कवर करते हुए जिले के लोगों को पासपोर्ट आवेदन और संबंधित सेवाओं की सुविधाएं प्रदान करती है। पटना के गर्दनीबाग में डेढ़ एकड़ भूमि भी पासपोर्ट के क्षेत्रीय कार्यालय के निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई है। इसका डिज़ाइन जल्द ही अंतिम रूप लेकर निर्माण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

वाल्मिकीनगर (बगहा) में सेवा केंद्र खोलने की प्रक्रिया जारी
अब तक सिर्फ वाल्मिकीनगर (बगहा) लोकसभा क्षेत्र में पासपोर्ट सेवा केंद्र नहीं खोला गया है, लेकिन यहां भी केंद्र खोलने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। राज्य में पटना और दरभंगा में मुख्य पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थित हैं, जबकि अन्य जिलों में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोग पासपोर्ट आवेदन कर सकते हैं, बिना पटना या दरभंगा जाने की आवश्यकता के।
मोबाइल कैंपों से सुविधा में और बढ़ोतरी
बिहार के कुछ जिलों में, जैसे सीवान, गोपालगंज, पटना, पूर्णिया, दरभंगा और किशनगंज में पासपोर्ट बनवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। इन जिलों में लंबित आवेदनों का निपटारा करने के लिए पटना स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से मोबाइल कैंप लगाए जाते हैं। हाल ही में इन मोबाइल कैंपों के माध्यम से सीवान, गोपालगंज, पूर्णिया, पटना और बोधगया में लगभग 160 आवेदनों का निपटारा किया गया।
बिहार में पासपोर्ट बनवाने की संख्या में वृद्धि
पिछले 5 वर्षों में बिहार में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। 2020 में जहां सिर्फ 1.71 लाख पासपोर्ट जारी हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 3.86 लाख हो गई। हालांकि, 2019 और 2020 में कोविड-19 के कारण संख्या में कमी आई थी, लेकिन इसके बावजूद 2018 के मुकाबले भी यह आंकड़ा बढ़ा है। 2018 में 2.57 लाख पासपोर्ट जारी किए गए थे।

लोगों के लिए बेहतर सुविधा और सेवा
बिहार में पासपोर्ट सेवा का विस्तार नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब सभी जिलों में पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो गई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, पटना स्वधा रिजवी ने बताया कि, “हमारे प्रयास से लोगों को अपने घर के पास ही पासपोर्ट सेवाओं का लाभ मिल रहा है।” मोबाइल कैंपों और क्षेत्रीय पासपोर्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने का कार्य जारी है।
यह पहल राज्य के नागरिकों को बेहतर पासपोर्ट सेवा प्रदान करने के साथ–साथ यात्रा के लिए जरूरी दस्तावेज़ की आसानी से प्राप्ति में सहायक साबित हो रही है।
