ashok rajpath: अशोक राजपथ पर ट्रैफिक जाम की समस्या से जल्द मिलेगी मुक्ति: डबल–डेकर फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में
पटना, 28 मार्च: राजधानी पटना के व्यस्ततम अशोक राजपथ पर यातायात व्यवस्था में सुधार और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनाए जा रहे डबल–डेकर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण 422 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने शुक्रवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। इस अवसर पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष शीर्षत कपिल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
अप्रैल में होगा उद्घाटन
मंत्री ने बताया कि इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अप्रैल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसे जनता के लिए समर्पित किया जाएगा। डबल–डेकर फ्लाईओवर की कुल लंबाई 2.2 किमी होगी। इसमें पहला स्तर 1.5 किमी लंबा होगा, जो पटना कॉलेज से लेकर बीएन कॉलेज तक जाएगा। दूसरा स्तर कारगिल चौक से साइंस कॉलेज तक विस्तारित होगा।

परिवहन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव
इस फ्लाईओवर के चालू होने से पटना की यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। गांधी मैदान से साइंस कॉलेज और पटना कॉलेज से गांधी मैदान की ओर आने–जाने वाले वाहनों को अलग–अलग स्तर पर नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा। पथ निर्माण मंत्री ने यह विश्वास जताया कि यह परियोजना पटना के लाखों नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी और राजधानी को एक आधुनिक और व्यवस्थित ट्रांसपोर्ट सिस्टम प्रदान करेगी।
छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को मिलेगा लाभ
इस फ्लाईओवर का निर्माण छात्रों, मरीजों और व्यापारियों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगा, जो प्रतिदिन अशोक राजपथ, पीएमसीएच, पटना विश्वविद्यालय और पटना सिटी में यात्रा करते हैं। ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने से उनकी यात्रा आसान और तेज़ हो जाएगी। इसके अलावा, यह फ्लाईओवर अशोक राजपथ पर यातायात के दबाव को भी कम करेगा।
पटना मेट्रो से कनेक्टिविटी
इस फ्लाईओवर को पटना मेट्रो, बाकरगंज नाले पर सड़क और पीएमसीएच में प्रस्तावित मल्टी–लेवल कार पार्किंग से भी जोड़ा जाएगा। साथ ही, इसे जेपी गंगा पथ (पटना रिवर फ्रंट) और कृष्णा घाट से भी लिंक किया जाएगा। इस कनेक्टिविटी से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।

आधुनिक तकनीक से निर्माण
यह डबल–डेकर फ्लाईओवर अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए तैयार किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि अब तक आधारभूत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और अब अंतिम सुपर–स्ट्रक्चर तथा फिनिशिंग कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
इस फ्लाईओवर से पटना में यातायात के बेहतर प्रबंधन और सुव्यवस्थित ट्रैफिक सिस्टम के जरिए शहरवासियों को यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों में भारी कमी आएगी।
