Motor Vehicle Traffic Rules: अक्सर आपने सड़क पर, ट्रैफिक सिग्नल पर या हाईवे पर गाड़ियों में लोगों को तेज़ आवाज़ में गाने बजाते देखा होगा। कई बार तो ऐसा लगता है कि गाड़ी का पूरा सिस्टम हिल रहा है और आसपास खड़े लोग भी उस गाने की आवाज़ को साफ–साफ सुन सकते हैं। बहुत से लोगों को ये चीज़ काफी कूल और मज़ेदार लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गाड़ी में तेज़ आवाज़ में गाने सुनना आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है? जी हां, अगर आप गाड़ी चलाते वक्त गानों का वॉल्यूम बहुत हाई रखते हैं तो न सिर्फ यह आपके और दूसरों के लिए खतरा है बल्कि कानून की नज़र में यह अपराध भी है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऐसी हरकत पर आपके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और आपका चालान कट सकता है। अब सवाल उठता है कि आखिर इसमें दिक्कत क्या है?

दरअसल, जब आप गाड़ी चलाते हुए म्यूजिक का वॉल्यूम बहुत तेज़ कर देते हैं तो सबसे पहले आपकी खुद की एकाग्रता टूटती है। ट्रैफिक के हॉर्न, एम्बुलेंस की सायरन और सड़क पर होने वाली अन्य आवाज़ें आपको ठीक से सुनाई नहीं देतीं। ऐसे में सड़क हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि ट्रैफिक पुलिस इसे गंभीरता से लेती है और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इस पर जुर्माने का प्रावधान है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 39/192 के अनुसार, अगर कोई ड्राइवर प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करता है तो उस पर 10,000 रुपये तक का चालान हो सकता है। वहीं, अगर आप साइलेंस ज़ोन जैसे हॉस्पिटल, स्कूल या कोर्ट के पास तेज़ आवाज़ में गाना बजाते हुए पकड़े जाते हैं या हॉर्न बजाते हैं तो 2,000 रुपये का चालान लगेगा। यही नहीं, गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भी अपराध है और इसकी इजाज़त सिर्फ़ नेविगेशन के लिए दी गई है। इसका सीधा मतलब ये है कि अगर आप म्यूजिक सिस्टम को मोबाइल से कनेक्ट कर हैंड्स–फ्री पर गाने सुन रहे हैं, तब भी यह आपको मुश्किल में डाल सकता है।

अब मान लीजिए आपकी गाड़ी का चालान कट जाता है, तो आपको चालान की रकम 90 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। अगर आपने 90 दिनों में चालान जमा नहीं किया, तो आपकी गाड़ी ब्लैकलिस्ट हो जाएगी और मामला कोर्ट तक पहुंच सकता है। एक बार केस कोर्ट में पहुंच गया तो परेशानी और भी बढ़ सकती है क्योंकि तब आपको अतिरिक्त जुर्माना और सज़ा दोनों भुगतनी पड़ सकती है। अक्सर लोग यह सोचकर बेफिक्र रहते हैं कि गाड़ी में गाना सुनना उनका निजी मामला है, लेकिन सड़क पर नियम सबके लिए बराबर होते हैं। आपकी तेज़ आवाज़ न सिर्फ आपकी सुरक्षा के लिए बल्कि दूसरों की शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है। कई बार मरीजों से भरे एम्बुलेंस को तेज़ म्यूजिक के कारण लोग सुन नहीं पाते और रास्ता देने में देरी कर देते हैं, जिससे ज़िंदगी और मौत के बीच फर्क पड़ सकता है।

ऐसे में अगली बार जब आप गाड़ी में बैठकर गाना सुनें, तो ध्यान रखें कि वॉल्यूम आपकी सुनाई तक सीमित हो, आसपास के लोगों को उसकी भनक तक न लगे। याद रखिए, सड़क पर आपकी छोटी सी लापरवाही किसी और की बड़ी परेशानी बन सकती है। तो दोस्तों, अगर आपको गाड़ी में गाने सुनना पसंद है तो सुनिए लेकिन सीमित आवाज़ में। क्योंकि अगर आपने अपनी मस्ती में नियम तोड़े, तो यह मस्ती आपके लिए भारी पड़ सकती है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इसमें आपकी लापरवाही सिर्फ आपके लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए अगली बार जब कार का म्यूजिक सिस्टम ऑन करें, तो वॉल्यूम को कंट्रोल में रखें और सुरक्षित सफर का आनंद लें।
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