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बिहार में ठंड का सितम जारी है. राजधानी पटना के साथ ही प्रदेश के लगभग 12 जिलों में घनाट कोहरा छाया रहने वाला है. बता दें कि प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से प्रदेश के कई जिलों में कोहरे और ठंढ़ में बढ़ोतरी देखी जा रही है. प्रदेश में कोहरा, ठंडी हवा, आसमान पर छाए बादलों की वजह से दिन के साथ ही रात में कनकनी महसूस हो रही है. मौसम विभाग ने ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया है.वहीं शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी भाग में ठंढ़ का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कोहरे जैसे हालात बने हुए हैं. साथ ही कोहरे के कारण बिजिबिलिटी बहुत ही कम हो गई है.

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मौसम विभाग की माने तो प्रदेश के उत्तरी हिस्से के पूर्वी हवाओं के साथ ही नमी प्रवाहित हो रही है. जबकि दक्षिण में उत्तर पश्चिम हवाएं चल रही है. इसकी वजह से बिहार में कोहरे जैसे प्रभाव रहने वाला है. बता दें कि राजधानी पटना के साथ ही प्रदेश के 12 जिलों में कोहरे जैसे हालात रहने वाले हैं. साथ ही विभाग की तरफ से यह भी कहा जा रहा है कि पहाड़ों से आ रही बर्फबारी वाली हवाओं के कारण बिहार में इसका असर साफ तौर पर देखा जा रहा है. इन दिनों प्रदेश का न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री तक पहुंच गया है. हालांकि इस दौरान लोगों को सावधानी बरने को कहा जा रहा है. विभाग की माने तो मौसम शुष्क बना रहेगा. साथ ही पछुआ और पूर्वी हवाओं के प्रभाव के कारण दिन में ही तापमान में दो से पांच डिग्री तक की कमी देखी जा रही है.

इधर ठंढ़ को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने भी किसानों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है जिसमें विभाग ने बताया है कि सरसो, अरहर और आलगून लगाने वाले किसानों को इन दिनों सावधान हो जाने की जरूरत है. विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि लाही लगने से रोकने के लिए इन दिनों किसानों को सरसों के फूल पर छिड़काव करने की जरूरत है. जिससे की फसलों को ज्यादा नुकसान न हो सके. इधर कृषि जानकारों का कहना है कि पाले से फस झुलस जाती है. फसल के लिए की जाने वाली सिंचाई तापमान नियंत्रण का भी काम करती है. नमी युक्त जमीन में काफी देर तक गर्मी रहती है तथा भूमि का तापमान कम नहीं होता है. इस तरह से पर्याप्त नमी होने पर शीतलहर व पाले से नुकसान की संभावना कम रहती है. वैज्ञानिकों की माने तो सर्दी के दिनों में फसल की सिंचाई करने से 0.5 डिग्री से 2 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में बढ़ोतरी होती है.

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साथ ही यह भी बताया गया है कि सर्दी के दिनों में सरसों, गेंहू, चावल आलू, मटर जैसी फसलों को पाले से बचने के लिए गंधक के तेजाब का छिड़काव करने से न केवल पाले के बजाव होता है. बल्कि पौधों में लौह तत्व एवं रासायनिक सक्रियता बढ़ जाती है, जो पौधों में रोगरोधिता बढ़ाने में एवं फसल को जल्दी पकाने में सहायक होती है.

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी अपडेट में यह कहा गया है कि इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का अधिक ख्याल रखें, उन्हें ठंड ज्यादा प्रभावित करती है. बच्चों और बुजुर्गों को हमेशा कान और सिर को ढक कर रखने की सलाह दें. उन पर ध्यान रखें कि वे सही कपड़े पहन रहे हैं कि नहीं. बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की दवा के प्रयोग से बचें.

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