243

Gurupurnima: हिंदू संस्कृति में भगवान से भी उपर गुरु का दर्जा होता है। गुरु ही वो शख्स होता है जो हमारे जीवन में सही और गलत के बीच का फर्क करना सीखाता है। गुरु ही वो इंसान होता है जिनके हाथों में हमारे जीवन और भविष्य की बागडोर होती है। यही वजह है कि हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का त्योहार विशेष रुप से मनाया जाता है। हर साल की आषाढ़ पूर्णिमा का दिन गुरु को समर्पित होता है। इस दिन को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस साल यानी वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को है।

यह विशेष दिन हमें यह संदेश देता है कि हर वो व्यक्ति जिसने आपके जीवन में किसी न किसी रुप में ज्ञान दिया है और आपको अंधकार से दूर करके प्रकाश की ओर ले गया है, उनके प्रति आभार और कृतज्ञता अर्पित करना चाहिए। आइए, आज हम चर्चा करते हैं उन 5 कामों की जिन्हें गुरु पूर्णिमा के दिन अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से बंद किस्मत के ताले भी खुल उठते हैं क्योंकि गुरु भगवान से भी बढ़ कर होता है।

678

1. गुरुओं का आदर करें: गुरु पूर्णिमा के दिन सबसे जरुरी होत है अपने गुरुजनों का आदर सम्मान करना और उनके प्रति आभार व्यक्त करना। गुरु पूर्णिमा के दिन अपने शिक्षकों को धन्यवाद और आभार का संदेश अवश्य भेजें। नए जमाने में यह बेहद आसान हो गया है। उन्हें कॉल और मैसेज के जरिए अपने जीवन की उपलब्धियों और शिक्षा हेतु धन्यवाद और आभार प्रकट करें। यह छोटा सा धन्यवादद आपके जीवन में सकारात्मक उर्जा लेकर आएगा।

2. बच्चों को किताब,कलम, कॉपी दान करें: गुरु पूर्णिमा के दिन आसपास के किसी गरीब बस्ती में जाएं। वहां बच्चों को किताबें, कॉपी, पेंसिल और कलम दान करें। मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन ऐसा करने से आपने अब तक जो शिक्षा हासिल की है, उसका अक्षरशः फल प्राप्त होने लगता है।

3. शिक्षकों का गुरु दक्षिणा दें: भारतीय संस्कृति में गुरु दक्षिणा का महत्व अनादिकाल से रहा है। धीरे धीरे ये विलुप्त हो रहा है। अपने शिक्षकों को इस अवसर पर गुरु दक्षिणा अवश्य दें। इससे विशेष कृपा प्राप्त होती है।

4. पीली वस्तुओं का दान करें: गुरु पूर्णिमा के दिन गरीबों के बीच पीली वस्तुओं का दान करें। आप चने की दाल, बेसन के लड्डू, हल्दी और पीले वस्त्रों को दान करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है।

5. पवित्र नदी में स्नान करें और तर्पण करें: गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल उठकर आसपास के किसी नदी या तालाब में स्नान करें और वहां अपने पितरों का तर्पण करें। पितरों को भी गुरु माना जाता है। ऐसा करने से उनका आर्शीवा आप पर बनता है और जीवन में खुशहाली आती है।

गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व हमें सेवा और विनम्रता का संदेश देता है। हमें यह बताता है कि जीवन सीखते रहने का नाम है जीवन के किस मोड़ पर कब कौन हमें कोई बड़ी सीख दे जाए और हमारा जीवन बदल जाए, ये क्यों नहीं जानता।

अतः सबके प्रति विनम्रता और सेवा का भाव रखें। यही गुण हमें एक दिन सफल बनाएगा।

सदैव इस बात का ध्यान रखें कि गुरु पूर्णिमा केवल एक त्योहार नहीं है बल्कि अपने जीवन में सुधार लाने और आत्म चिंतन करने का एक स्वर्णिम अवसर हैं। इन 5 कामों को गुरु पूर्णिमा के दिन से शुरुआत करें और इन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लें। बेहतर इंसान ही जल्दी तरक्की करता है। किस्मत भी उन्हीं का साथ देती है जिनके कर्म अच्छे होते हैं। इस बात को गांठ बांध लें।

Disc: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी मान्यता का पालन करना पूरी तरह आपकी व्यक्तिगत आस्था और विवेक पर निर्भर करता है।

also read: http://गुरु पूर्णिमा के दिन करें ये खास उपाय, धन का होगा लाभ और नौकरी में मिलेगा प्रमोशन !

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *