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भारतीय टीम को क्रिकेट जगत में सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक माना जाता है और विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भारतीय टीम में मौजूद हैं। पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारतीय टीम में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी तो इस बार भी भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने की तगड़ी दावेदार है।
वैसे टेस्ट क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बने हैं लेकिन आज हम उन रिकॉर्ड के बारे में बात करेंगे जिस पर सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा है.

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R.Ashwin

1)रविचंद्रन अश्विन द्वारा टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 250 और 300 विकेट चटकाने का रिकॉर्ड दर्ज है। अश्विन ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम को कई टेस्ट मुकाबलों में जीत दिलाई है। अश्विन क्रिकेट के इस प्रारूप में गजब के गेंदबाज हैं और अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को चकमा देना जानते हैं। रविचंद्रन अश्विन ने ढाई सौ विकेट अपने 45में मुकाबले में पूरे कर लिए थे तो वही 300 विकेट 54 मुकाबलों में पूरे किए।किए।

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Narendra Hirwani

2) टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में डेब्यू मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड भी भारतीय खिलाड़ी के नाम है। पूर्व भारतीय गेंदबाज नरेंद्र हिरवानी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1998 में अपना पदार्पण मुकाबला खेला था। उस मुकाबले में इस गेंदबाज ने टेस्ट मैच की दोनों पारियों में आठ-आठ विकेट चटकाए थे। यह एक विश्व रिकॉर्ड है।

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Anil Kumble

3) टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा एलबीडब्ल्यू आउट करने का रिकॉर्ड भी अनिल कुंबले के नाम है। अनिल कुंबले भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार हैं। यह गेंदबाज वनडे और टेस्ट क्रिकेट में 900 से अधिक विकेट चटका चुका है। कुंबले के 619 टेस्ट विकेट थे जिसमें से 125 विकेट एलबीडब्ल्यू करार दिए गए थे। आज तक अन्य कोई गेंदबाज यह रिकॉर्ड नहीं बना पाया है।

Javagal Srinath
Javagal Srinath

4) टेस्ट मुकाबला हार कर भी जवागल श्रीनाथ ने रिकॉर्ड बनाया था। मुकाबला हार कर भी गेंद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले श्रीनाथ का नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों पर लिख गया था। इस गेंदबाज ने इस मुकाबले में दोनों पारियों को मिलाकर कुल 13 विकेट चटकाए थे।

Kapil Dev of India bowling during the first one day intena1
Kapil Dev

5) एक कप्तान के रूप में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड कपिल देव के नाम हैं। भारतीय टीम ने अपना पहला विश्व कप कपिल देव की कप्तानी में ही जीता था। वेस्टइंडीज के दौरे पर कपिल देव ने अपनी कप्तानी में शानदार गेंदबाजी करते हुए एक मैच में 83 रन खर्च कर 9 विकेट चटकाए थे। यह एक कप्तान के रूप में सर्वश्रेष्ठ टेस्ट रिकॉर्ड था।

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