एक बाद देश में बड़े ही जोर से कहा जाता है कि अगर गांधी जी और कुछ दिन जिंदा होते तो स्थानिय निकाय की शुरुआत भारत में बहुत पहले हो गई होती. गांधी जी अपने भाषणो में गांव को समृद्ध करने की बात बोलते रहे हैं. हमने देखा है कि ग्रामीण निकाय चुनाव और शहरी […]
