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एक बार फिर से रेलवे सीनियर सिटीजन को छुट देने की तैयारी कर रहा है. मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार ये छूट पहले से थोड़ी अलग हो सकती है. खबरों के अनुसार सीनियर सिटीजन को रेलवे स्लीपर और थर्ड एसी में छुट दे सकता है. जिसकी प्लानिंग रेलवे की तरफ से तैयार की जा रही है. बता दें की इस छुट को बहाल करने की मांग यात्रियों की तरफ से लम्बे समय से की जा रही थी. मालूम हो की कोरोना काल से पहले 50 से 60 प्रतिशत तक की छुट रेलवे की तरफ से सीनियर सिटीजन को दिया जाता था. सीनियर सिटीजन को लेकर छुट देने के संकेत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से भी दिए जा चुके हैं.

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रेलवे टिकट पर सीनियर सिटीजन के लिए छूट बहाल करने की सिफारिश संसदीय समिति द्वारा किये जाने के बाद मंत्री से एक लिखित प्रश्न भी किया गया था. इस लिखित प्रश्न में पूछा गया था की कोविड-19 महामारी के बाद जो रियायत खत्म हुई है उस पर सरकार क्या सोच रही है? दरअसल भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम के सवाल और सीनियर सिटीजन के लिए ट्रेनों में रियायतें बहाल करने की संसदीय स्थायी समिति की सिफारिश पर संसदीय समिति रेलवे से जानना चाह रही थी की सरकार की तरफ से संज्ञान लिया है गया है या नहीं? इस सवाल के जवाब में रेल मंत्री द्वारा लिखित जवाब दिया गया. जिसमे उन्होंने कहा की, रेलवे पर स्थायी समिति ने, कम से कम स्लीपर और थर्ड एसी में सीनियर सिटीजन को रियायत देने के सन्दर्भ में समीक्षा और विचार करने की सलाह दी है. मालूम हो की इन सीनियर सिटीजन की श्रेणी में रेलवे 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष और 58 वर्ष से अधिक की महिलाओं को रखता है.

चलिए अब अपने इस चर्चा में हम आपको बताते हैं की कोरोना से पहले सीनियर सिटीजन को रेलवे की तरफ से आखिर क्या सुविधा और छूट दी जाती थी. बताते चलें की रेलवे द्वारा इन वरिष्ट नागरिको को लगभग 50 फीसदी तक की छूट सभी ट्रेनों में दी जाती थी. वहीँ मेल एक्सप्रेस में राजधानी, शताब्दी और दुरंतो समेत अन्य ट्रेनों की बात की जाये तो यहाँ इन्हें बेस फेयर पर 40 फीसदी तक की छूट दी जाती थी. लेकिन जैसे हीं कोरोना के वजह से लगे लॉकडाउन समाप्त हुए और रेल सेवा को शुरू किया गया तो इन सुविधाओं को बंद कर दिया गया था. साथ हीं साथ सरकार की तरफ से यह कहा गया था की टिकट पर सीनियर सिटीजन को मिलने वाली छूट को फिर से बहाल करने का फ़िलहाल कोई इरादा नहीं है.

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लगभग 1491 करोड़ रुपये तक का बोझ साल 2017-18 में सीनियर सिटीजन्स को टिकट पर छूट देने के कारण पड़ा. इस बात की सूचना रेल मंत्री के तरफ से दी गयी थी. उन्होंने आगे बताया की साल 2018-19 में यह राशी 1636 करोड़ तक आ गयी. वहीं वर्ष 2019-20 में देखे तो यह राशी 1667 करोड़ रुपये रही. बता दें की साल 2019-20 में 6.18 करोड़ वहीँ साल 2020-21 में 1.90 करोड़ और यदि साल 2021-22 को देखे तो 5.55 करोड़ सीनियर सिटीजन्स ने रेलवे के रिजर्व्ड क्लासेज में यात्रा की. दरअसल साल 2020-21 और साल 2021-22 में कोरोना महामारी के कारण रेलवे में यात्रा करने वाले सीनियर सिटीजन्स की संख्या में कमी आई थी. इन आकड़ों को बताते हुए रेल मंत्री द्वारा कहा गया था की सीनियर सिटीजन्स को मिलने वाले छूट को बहाल करना ठीक नहीं है. लेकिन अब स्लीपर और थर्ड एसी में इन्हें रियायत देने पर विचार किया जा रहा.

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