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बिहार में इन दिनों एक नाम हर कोई ले रहा है और वह है राधा चरण साह का. राधा चरण साह आराबक्सर से JDU के MLC है. पिछले दिनों इनके 18 ठिकानों पर इनकम टैक्स के रेड दूसरे दिन भी जारी है. बता दें कि राधा चरण साह के सहयोगी के घर से 35 करोड़ कैश मिलने की बात सामने आई है. लेकिन इसको लेकर अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बता दें कि वहीं MLC के फार्म हाउस से 70 लाख कैश मिले हैं. पैसों की गिनती के लिए 2 मशीने बुलाई गई है. मीडिया में चल रही खबरों की माने तो 125 करोड़ का ट्रांजेक्शन का खुलासा भी हुआ है. बतादें कि इनकम टैक्स की टीम लगातार इनसे पुछताछ कर रही है. राधाचरण साह के दो बेटे और उनके करीबियों को नजरबंद किया गया है. आयकर विभाग की टीम ने हिमाचल प्रदेश के मनाली, उत्तराखंड के हरिद्वार, नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, पटना, अलीगढ़, आरा शहर में मौजूद अलगअलग कुल 18 ठिकानों पर छापेमारी की. यह छापेमारी दूसरे दिन भी जारी है.

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राधाचरण साह पैसे को लेकर जितने मजबूत हैं उतने ही वे राजनीतिक रूप से भी मजबूत हैं. हालांकि राजनीति में पांव रखने से पहले राधाचरण साह आरा रेलवे स्टेशन पर जलेबी की दुकान चलाया करते थे. आरा शहर में राधाचरण सेठ को लेकर यह बताया जाता है कि उन्होंने जिस बिजनेस की शुरुआत की उसमें उन्हें मुनाफा मिला है. उनका व्यवहार लोगों से अलग करता है. वे कभी भी किसी से गुस्से भरे लहजे में बात नहीं करते थे. चाहे मामला किसी भी तरह का हो उन्हें लोग गुस्साते हुए नहीं देखे थे. वहीं अगर हम उनके पढ़ाई लिखाई की बात करें तो वे बहुत पढ़े लिखे तो नहीं थे लेकिन उन्हें पैसे गिनने तक की समझ थी. साथ ही वे नाम पता भी लिख लेते थे. राधाचरण साह के बारे में यह कहा जाता है कि मिठाई की दुकान चलाते चलाते एक दिन वे होटल के मालिक बन गए. इसके बाद उन्होंने अपने आप को रियल एस्टेट कि दुनिया में लाया और यहां भी उन्हें अपार सफलता मिली. हालांकि इसके बाद वे अपने आप को रोक न सके और सरकारी बालू ठेके में अपनी किश्मत को आजमाने लगे. यहां पर राधाचरण साह को खुब सफलता मिली. अब स्थिति यह थी कि राधाचरण साह के पास नाम के साथ शोहरत और पैसा सब कुछ आ गया था. जिसके बाद उन्होंने अपने आप को राजनीति में अपनी किश्मत आजमाने का फैसला किया और साल 2015 के विधान परिषद का चुनाव आराबक्सर की सीट से राजद के उम्मीदवार के रूप में लड़ा. इस चुनाव में राधाचरण साह चुनाव जीतने में सफल रहे. इस चुनाव परिणाम से हरकोई हैरान परेशान था. इस चुनाव में साह ने रोहतास और भोजपुर के बाहुबली कहे जाने वाले सुनील कुमार पाण्डे के भाई हुलास पाण्डेय को इस चुनाव में हराया था. बाहुबली को चुनाव में हरा कर राजनीति में एंट्री करने के कारण राधाचरण साह को एक नाम मिला. और भोजपुर में प्रतिष्ठा भी प्राप्त हुई.

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इसके बाद राधाचरण साह दूसरी बार MLC चुने गए इस बार साल 2022 में वे जदयू के समर्थन से एनडीए के उम्मीदवार बने. इस बार उन्होंने राजद के उम्मीदावर अनिल सम्राट को पटखनी दी और वर्तमान में जदयू के MLC हैं. इनके बारे में यह कहा जाता है कि इन्होने जिस बिजनेस में अपना हाथ आजमाया उसमें इन्होंने मुकाम पाया है. लेकिन अब मामला पूरी तरह से बदल गया है. साह पर इनकम टैक्स की नजर पड़ गई और अब उनसे पैसे का हिसाब किताब पुछा जा रहा है.

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