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साल 2023 का बजट प्रस्तुत हो गया जिसमें प्रदेश के कई जिलों से उड़ान सेवा की शुरुआत की बात कही गई है. लेकिन पिछले लंबे समय से पूर्णिया एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ान सेवा को संचालित करने की योजना में अब झटका लगा है. बता दें कि इस एयरपोर्ट के संचालन को लेकर नागरिक उड्यन मंत्रापय ने राज्य सरकार की ओर से हवाई सेवा के लिए अधिग्रहित भूमि की दिशाओं पर ही अब सवाल खड़ा कर दिया है. बता दें कि राज्य सरकार ने पूर्णिया एयरपोर्ट पर वाणिज्यिक उड़ाने शुरू करने के लिए पूर्णिया एयरबेस पर सिविल एन्क्लेव के निर्माण को लेकर पिछले साल 52.18 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. जमीन हस्तानांतरण का ज्ञापन भी मंत्रालय को भेजा गया था. हालांकि इस ज्ञापन के जवाब में नागरिक उड्यन मंत्रालय ने राज्य सरकार को बतायै है कि हवाई सेवा शूरू करने के लिए वायु सेना स्टेशन के उत्तर की ओर भूमि का अधिग्रहम किया जाना था. लेकिन इसके विपरीत दक्षिण की ओर सी जमीन का अधिग्रहण किया गया है.

इस पूरे मामले से पर्दा तब उठा जब कटिहार के सांसद दुलाल चंद्र गोस्वामी ने लोकसभा सत्र के दौरान एयरपोर्ट निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया. इस दौरान उन्होने पुछा कि क्या केंद्र इस साल पूर्णिया हवाई अड्डे को व्यावसायिक रूप से चालू करने का प्रस्ताव रखता है और यदि हां, तो इसके लिए समय सीमा तय की गई है. इस सवाल के जवाब में केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि पूर्णिया हवाई अड्डे का स्वामित्व रक्षा मंत्रालय के पास है.

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इस पूरे प्रकरण को नवभारत टाइम्स ने एक खबर छापी है जिसमें उन्होंने भारतीय विमानपत्तन पाधिकरण के सीनियर अधिकारी के हवाले से यह बताया है कि पूर्णिया में एक सिविल एन्क्लेव के विकास के लिए 50 एकड़ जमीन अधिग्रहण को लकेर अनुरोध किया गया था. उसके बाद राज्य सरकार ने जून 2022 में बताया कि उन्होंने 52.18 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है. हालांकि एयरपोर्ट ऑथेरिटी ऑफ इंडिया ने उत्तरी हिस्से में जमीन खरीद की मांग की थी लेकिन राज्य सरकार ने दक्षिणी हिस्से में जमीन का अधिग्रहण किया था. ऐसे में यह बताया जा रहा है कि जमीन का अधिग्रहण निश्चित दिशा में नहीं किये जाने के कारण एयरपोर्ट का मामला लंबित पड़ा है.

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बता दें कि आम बजट के दौरान वित्त मंत्री ने देशभर में 50 नए एयरपोर्ट और हेलीपैड बनाने की घोषणा की इसमें बिहटा, भागलपुर, पूर्णिया और गोपालगंज का नाम शामिल है. जिसके बाद से बिहार में चार नए एयरपोर्ट बनने की बात सामने आ गई. आपको बता दें कि इन एयरपोर्ट को चालू करने को लेकर बिहार सरकार लंबे समय से मांग करती रही है. इसी बजट सत्र के दौरान यह बताया गया कि पूर्णिया और बिहटा एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार ने जमीन का अधिग्रहण कर लिया है. साथ ही यह भी बताया गया कि गोपालगंज में सबेया एयरपोर्ट मिलिट्री एयरपोर्ट रहा है. जिसे एक बार फिर से नये सिरे से बनाने की बात कही जा रही है. वहीं भागलपुर एयरपोर्ट से घरेलू विमान सेवा की शुरुआत करने का प्रस्ताव बिहार सरकार ने भेजा है और केंद्र सरकार ने इसको लेकर अपने बजट सत्र में जिक्र भी किया है. लेकिन मामला फंस गया पूर्णिया एयरपोर्ट को लेकर जिसमें जमीन अधिग्रहण की दिशा गलत बताई जा रही है.

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