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Prashantkishor: मैं प्रशांत किशोरईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं निष्ठा रखूंगा। यह आवाज सुनने को पूरा बिहार बेकरार है। प्रशांत किशोर भले ही बांकीपुर से विधायक निर्वाचित हुए हैं लेकिन अब विधानसभा में उनकी दहाड़ सुनने को पूरा बिहार बेकरार है। बिहार विधानसभा में अपनी सीट ग्रहण करने से पहले नियमतः प्रशांत किशोर को शपथ लेना होगा।

अब आपके मन में यह सवाल चल रहा होगा कि प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा में कब बोलेंगे। बिहार विधान मंडल के सामान्यतः तीन सत्र होते हैं। बजट सत्र, मॉनसून सत्र और शीतकालीन सत्र। मॉनसून सत्र 24 जुलाई को समाप्त हो चुका है।

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अब बारी है शीतकालीन सत्र की तो सामान्य तौर पर शीतकालीन सत्र नवंबर के महीने में शुरु होता है। अगर कोई इमरजेंसी या महत्वपूर्ण विषय पर तत्काल चर्चा या निर्णय लेना होता है तो सरकार की सलाह पर विशेष सत्र बुला सकते हैं।

अगर कोई इमरजेंसी जैसी स्थिति नहीं हुई तो नवंबर के अंतिम सप्ताह में संभवतः शीतकालीन सत्र की शुरुआत होगी। उस दौरान प्रशांत किशोर पहली बार किसी सदन में गरजते हुए दिखाई देंगे। अब तक प्रशांत किशोर सिर्फ जनसुराज की सभाओं में, प्रेस कॉन्फ्रेंस में या फिर रैलियों में ही बोलते हुए दिखाई पड़े हैं। अब उनकी जगह विधानसभा में सुरक्षित हो गई है।

लोगों को प्रशांत किशोर के बोलने का इंतजार इसलिए भी है क्योंकि वो बेहद बेबाक और आक्रामक तरीके से सरकार पर हमला बोलते हैं। प्रशांत किशोर जब सरकार में बैठे लोगों और मंत्रियों पर प्रहार करते हैं तो वोे हाथ जोड़ना शुरु कर देते हैं। प्रशांत किशोर जब बिहार सरकार के मंत्रियों पर हमला बोलते हैं तो उनको मानहानि और कानूनी कार्रवाई की धमकी मिलती है तो प्रशांत किशोर डंके की चोट पर बोलते हैं कि हम ये सब नोटिस और धमकी से नहीं डरते हैं।

यह सच भी है कि आज तक प्रशांत किशोर का कोई बाल भी बांका नहीं कर पाया। प्रशांत किशोर की यही बहादुरी लोगों को पसंद आती है लेकिन अब प्रशांत को उनकी असली जगह मिल गई है यानी की अब वो विधायक हैं। जिन मंत्रियों को वो बाहर से टारगेट किया करते थें, अब वो सभी उनके सामने बैठे होंगे।

प्रशांत किशोर ही वो पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी पर समस्तीपुर से चिराग पासवान की पार्टी से टिकट खरीदने का आरोप लगाकर सनसनी मचा दी। इसके बाद अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर को नोटिस भेज दिया।

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल पर सिख समुदाय के मेडिकल कॉलेज को हड़पने की पूरी कहानी सुनाकर प्रशांत किशोर सनसनी मचा चुके हैं। उन्होंने इस खेल में आरजेडी की मिलीभगत का इशारा कर एक साथ सबको लपेट दिया।

प्रशांत किशोर बेतिया के भाजपा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तक को तेल चोर बता चुके हैं। बिहार में कोइ ऐसा दूसरा नेता नहीं है जो सत्ता पक्ष को इस तरह से घेरता है कि उन्हें बैकफुट पर आने को मजबूर कर देता है। प्रशांत किशोर पूर्व स्वास्थय मंत्री मंगल पांडेय से लेकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव तक को घेरे में ले चुके हैं।

तो बिहार में नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो चुकी है। बिहार यथा स्थिति वाद से बाहर निकल चुका है। नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, सम्राट चौधरी, तेजस्वी यादव के बाद अब प्रशांत किशोर की नई धमाकेदार पारी का आनंद लीजिए।

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