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ड्रग्स और हथियारों की तस्करी करने वाला लड़का कैसे बना धाकड़ बल्लेबाज….

मैदान पर गगनचुंबी छक्के जड़ने वाला अक्रामक, धाकड़ और बेखौफ बल्लेबाज काइरोन पोलार्ड

गरीबी ने जुर्म की दुनिया में पैर रखने को किया मजबूर फिर निकलकर बना टी 20 का बादशाह

पॉवर हिटिंग का शहंशाह कहलाने वाला जाबांज खिलाड़ी है कायरोन पोलार्ड

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने का करनामा करने वाले पोलार्ड तीसरे खिलाड़ी है

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क्रिकेट… 22 गज की पट्टी में खेला जाने वाला खेल कितना आकर्षक , कितना सुंदर और कितना अक्रामक होता है यह हम सबने देखा है। इसी 22 गज की पट्टी पर जब एक बल्लेबाज लंबे लंबे गगनचुंबी छक्के जड़ता है तो स्टेडियम में बैठे लाखों की तादात में दर्शक खुशी से झूम उठते है। जब एक गेंदबाज इसी 22 गज की पट्टी पर विकटों की हैट्रिक लेता है। तो यही दर्शक अपनी सीट से उछल पड़ते है। दोस्तों 22 गज की पट्टी पर खेलने वाला खिलाड़ी जब धमाल मचाता है तो आपको बेइंतहा खुशी होती है। लेकिन आपने उस खिलाड़ी की जिंदगी के दूसरे पहलू को जानने की कोशिश की है कि आखिर करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के चेहरे पर खुशी लाने वाले इस खिलाड़ी के पीछे कितने गम और संघर्ष अनसुनी दास्तां है।

एक जिंदगी सड़कों पर , एक महलों में बसर करती है
कोई बेफिक्र सोता है ,कहीं मुश्किल से बसर होती है

…. क्रिकेट की चकाचौंध दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी है जिनकी किस्मत में ऊपर वाले ने गम की स्याही से लिखी है। गरीबी और गुरबत की जिंदगी से निकलकर अपनी खुद की पहचान बनाकर फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है…

आज हम लेकर आए हैं एक ऐसे खिलाड़ी के जीवन की अनसुलझी दास्तान, जिसे मुफलिस की जिंदगी ने जुर्म की दुनिया में कदम रखने को मजबूर किया। और फिर आगे चलकर बना दुनिया का धाकड़ , बेखौफ बल्लेबाज, वेस्टइंडीज का महान खिलाड़ी काइरोन पोलार्ड की कहानी, जिसे विवियन रिचर्ड्स से भाड़े का खिलाड़ी बताया था…..

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6 फुट 4 इंच काइरोन पोलार्ड का जन्म 12 मई 1987 को त्रिनिदाद के टैकारिगुआ में हुआ था। इनका पूरा नाम काइरोन एड्रियन पोलार्ड है। पोलार्ड के परिवार में सिंगल मां के साथ दो छोटी बहने है। पोलार्ड के जिंदगी की शुरुआत गरीबी से हुई। गरीबी भी ऐसी की पोलार्ड को सुबह का खाना मिलने के बाद यह पता नही होता था कि उन्हें शाम का खाना मिलेगा या नहीं। 10 वर्षीय पोलार्ड की जिंदगी में संघर्ष में और इजाफा अभी होना बाकी था। जब उनकी मां रोजगार की तलाश में एक ऐसे शहर में जा बसी जहां चारो तरफ सिर्फ और सिर्फ जुर्म की चादर फैली थी। जुर्म के गलियारों में पोलार्ड का जीवन कुछ समय तक कष्ट भरा रहा। लेकिन कुछ समय बाद पोलार्ड ने जुर्म की दुनिया के बीच रहकर भी अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देकर उस पर चलना शुरू किया। पोलार्ड समझ चुके थे कि अगर उन्हें इस दलदल से निकलना है तो उन्हे कुछ अलग करना होगा। इसलिए पोलार्ड ने क्रिकेट में हाथ आजमाया। और गली मोहल्लों में क्रिकेट खेलना शुरू किया। पोलार्ड के सिर क्रिकेट की दीवानगी ऐसी चढ़ी कि उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पोलार्ड जब भी हाथ में बैट पकड़ते तो यही सोचते कि सिर्फ क्रिकेट ही उन्हें और उनके परिवार को गरीबी से निकाल सकता है। पोलार्ड पूरे पूरे दिन क्रिकेट खेलते और मां शहर में रहकर मजदूरी करती। पोलार्ड को अब क्रिकेट की परिभाषा से वाकिफ हो चुके थे।

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क्रिकेट की दुनिया में कायरोन पोलार्ड का नाम साल 2005 में उस समय आया जब अंडर 19 TCL ग्रुप वेस्टइंडीज की तरफ से खेलते हुए पोलार्ड ने लंबे लंबे गगनचुंबी छक्के मारकर अपनी क्षमता का जौहर दिखाया। पोलार्ड के खेल ने वेस्टइंडीज क्रिकेट को प्रभावित किया। इसके बाद उनका सेलेक्सन पाकिस्तान के खिलाफ वेस्टइंडीज की अंडर 19 टीम में हो गया। वहां पोलार्ड के करिश्में को हर किसी ने देखा। इसके बाद उनका चुनाव अंडर 19 विश्व कप में भी हो गया। विश्व कप में पोलार्ड का बल्ला खामोश रहा। निराशाजनक प्रदर्शन के बाउजूद सेलेक्टरों ने उन पर भरोसा बनाए रखा। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड को पता था कि पोलार्ड में अक्रामक पारी खेलने की अटूट प्रतिभा है। वह अपने खेल से किसी भी वक्त मैच का पासा पलट सकते है। पोलार्ड को घरेलू क्रिकेट में मौका मिला तो उन्होंने एक से बढकर एक बेजोड़ पारियां खेली। 27 प्रथम श्रेणी मैच में 1584 रन बनाए है। जिसमें चार शतक और पांच अर्ध शतक शामिल है। साथ ही उन्होंने 14 विकेट भी लिए थे। घरेलू क्रिकेट में अपने ऑल राउंडर खेल से तहलका मचाने वाले पोलार्ड के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का दरवाजा खुलने वाला था।

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10 अप्रैल 2007 पोलार्ड के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखने वाला पल था। 134 नंबर वनडे कैप लेकर मैदान पर उतरे पोलार्ड साउथ अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू मैच पर खास प्रदर्शन नही कर पाए। और महज 17 गेंदों में 10 रन बनाकर पवेलियन चलते बने। पोलार्ड के फेलियर के बावजूद उन्हें 20 जून 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी 20 क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिला। इस मैच में पोलार्ड को ना तो बैटिंग मिली और ना ही बोलिंग। पोलार्ड खुद से निराश तो थे ही साथ ही वह यह भी सोचते की उनके खेल को दुनिया कब देखेगी। वक्त ने पोलार्ड को ज्यादा इंतजार नहीं कराया और उनकी झोली में एक सुनहरा मौका डाल दिया। साल 2009 टी 20 चैंपियन लीग। ये वो टूर्नामेंट था जहां दुनिया ने पहली बार कायरोन पोलार्ड की ताकत, नजाकत और आक्रामकता से कई लबरेज बेधड़क बेखौफ पारियां देखी। यही टूर्नामेंट पोलार्ड के लिए टर्निंग प्वाइंट भी साबित हुआ। त्रिनिदाद टुबैको और न्यू साउथ वेल्स के बीच चल रहे मैच में त्रिनिदाद को 28 गेंदों पर 53 रनों की जरूरत थी। क्रीज पर पोलार्ड विराजमान थे। तब पोलार्ड ने अपना वो रूप दिखाया जिसके लिए दुनिया बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। इस पारी में उन्होंने पांच छक्के और पांच चौके जड़कर न्यू साउथ वेल्स के जबड़े से जीत छीन ली थी। तब पोलार्ड दुनिया में रातों रात छा गए थे। इसके बाद पोलार्ड ने दुनिया की किसी भी क्रिकेट लीग को नही छोड़ा। जहां उन्होंने करिश्मा ना दिखाया हो।

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पोलार्ड उन खिलाड़ियों में से है जिन्होंने अपने 15 साल के करियर में साउथ ऑस्ट्रेलिया, मुंबई इंडियंस, ढाका वारियर्स, एलिडेड स्ट्राइकर , बारबाडोस, केप कोबरा, करांची किंग, मुल्तान सुलतान, पेशावर जल्मी, ढाका डायना माइट्स, मुंबई अमीरात जैसी लीग खेल चुके पोलार्ड को टी 20 क्रिकेट काफी पसंद थी। उनके इस तरह के खेल को देखते हुए वेस्टइंडीज के पूर्व और महान क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स ने पोलार्ड को भाड़े का क्रिकेटर कह दिया था। पोलार्ड को अपने क्रिकेट में कई टीमों की तरफ से कप्तानी करने का भी मिला। यहां तक की उन्होंने साल 2019 में वेस्टइंडीज क्रिकेट के लिए वनडे और टी 20 मैचों मे कप्तानी की भूमिका निभाई है। कप्तानी में पोलार्ड का प्रदर्शन फीका साबित हुआ है।

दोस्तों 20 अप्रैल 2022 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले कायरोन पोलार्ड के क्रिकेट करियर पर प्राप्त की गई कुछ उपलब्धियां और कीर्तिमानों पर एक नजर डालते हैं।

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पोलार्ड ने अपने क्रिकेट करियर में एक ऑल राउंडर की भूमिका निभाते हुए 123 वनडे मैच खेली। जिसमें 3 शतक की बदौलत 2706 रन बनाए है । तो वहीं 101 टी 20 मैच में 1569 रन बनाए। पोलार्ड ने दुनियाभर की टी 20 लीग में कुल 614 मैच खेले है जिसमें उन्होंने 11,915 रन बनाए है। और 309 विकेट भी लिए है। आईपीएल के 11 सीजन तक सिर्फ मुंबई इंडियंस की तरफ से पोलार्ड ने कुल 189 मैच खेले है। जहां उन्होंने 3412 रन बनाए है। मुंबई इंडियंस आईपीएल में पांच बार खिताब जीत चुकी है अच्छी बात यह है कि इन पांचों खिताब में पोलार्ड शामिल रहे है।

दोस्तों, कायरोन पोलार्ड के सन्यास के बाद मुंबई इंडियंस और वेस्टइंडीज क्रिकेट को उनकी कमी महसूस होगी या नहीं आप हमें अपनी राय कमेंट करके बता सकते हैं .

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