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पिछले दिनों प्रवासी मजदूरों से जुड़े फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में मनीष कश्यप की गिरफ्तारी की गई थी. बता दें कि मनीष कश्यप पर बिहार के साथ ही तमिलनाडु में भी अपराधिक मुकदमें दर्ज किये गए हैं. वर्तमान में तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप से पुछताछ कर रही है. मनीष कश्यप के ऊपर तमिलनाडु की पुलिस ने एनएसए भी लगाया है. हालांकि बिहार के साथ ही देश के अलग अलग हिस्सों से लोग मनीष कश्यप के समर्थन में बोल रहे हैं ट्वीट कर रहे हैं. ऐस में बॉलीवुड अभिनेता और कोरोना काल में लोगों के लिए मददगार बने सोनू सूद ने मनीष कश्यप के समर्थन में ट्वीट किया है.

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सोनू सूद ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि जितना भी मैं मनीष कश्यप को जानता हूं उसने हमेशा बिहार के लोगों के भले के लिए ही आवाज उठाई है. हो सकता है उस से कुछ गलती भी हुई हो. पर यह बात मैं यकीन से कह सकता हूं कि वो देशहित के लिए ही लड़ा है. न्याय और कानून से ऊपर हमारे देश में कुछ नहीं. जो भी होगा सही ही होगा. आपको बता दें कि मनीष कश्यप और सोनू सूद कोरोना काल के बाद कई बार एक दूसरे से मिले हैं. मनीष कश्यप और सोनू सूद ने पिछले दिनों पटना में एक कार्यक्रम भी किया था. हालांकि मनीष कश्यप पर जितने भी आरोप लग रहे हैं उसको लेकर उन्होंने कहा है कि वो देशहित में लड़ा है और उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है. ऐसे में अब देखना है कि मनीष कश्यप के पूरे मामले में कोर्ट का क्या निर्णय सामने आता है.

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आइए एक नजर डाल लेते हैं मनीष कश्यप के अबतक के अपडेट पर . मनीष कश्यप ने पिछले महीने बेतिया में बिहार पुलिस के सामने सरेंडर किया था. इसके बाद उन्हें पटना लाया गया. जहां EOU ने इन्हें रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की. फिर तमिलनाडु पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर चेन्नई ले कर चली गई. बता दें कि मनीष कश्यप वर्तमान में तमिलनाडु में न्यायिक हिरासत में हैं. इनके ऊपर तमिलनाडु में बिहार मजदूरों पर हिंसा के फर्जी वीडियो अपने चैनल पर चलाने का आरोप लगा है. साथ ही मनीष के ऊपर दो राज्यों के बीच में विवाद खड़ा करने का आरोप लगा है.

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मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस कृष्ण मुरारी और संजय करोल की पीठ में सुनवाई हुई. जिसमें जस्टिस संजय करोल ने कहा कि वह भी बिहार के प्रवासी हैं उनके इस बयान के बाद अदालत का माहौल थोड़ा गहमागहमी वाला हो गया. कोर्ट ने तमिलनाडु और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया और मनीष कश्यप की याचिका पर एक हफ्ते में जवाब देने को कहा है. मामले में अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी. इधर मनीष कश्यप की ओर से अपनी बात कह रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ दो राज्यों में पांच मुकदमें दर्ज किए गए हैं. उन्होंने पत्रकार अर्नब गोस्वामी का हवाला देते हुए कहा कि किसी एक अपराध को लेकर कई कार्यवाही नहीं की जा सकती. इस दौरान मनीष कश्यप ने यह आग्रह किया है कि बिहार की प्राथमिकी को मुख्य प्राथमिकी माना जाए और अन्य को उसके साथ जोड़ दिया जाए. इस दौरान कश्यप ने कहा कि मुझे तमिलनाडु ले जाया जा रहा है जहां कि भाषा मुझे समझ में नहीं आती है. इस पर जस्टिस करोल ने हल्केफुल्के अंदाज में कहा कि मैं भी बिहार का प्रवासी हूं. दरअसल अब इस पूरे मामले पर सुनवाई 21 अप्रैल को होगी.

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