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Indian Railways Luggage Rules: अगर आपका भी आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने का प्लान है, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि अब ट्रेन में सफर करना पहले जैसा नहीं रहने वाला। जिस तरह फ्लाइट में बैगेज लिमिट को लेकर सख्ती होती है, वैसी ही व्यवस्था अब रेलवे भी लागू करने जा रहा है। ऐसे में अगर आपने बिना सोचे-समझे ज्यादा सामान रख लिया, तो सफर के दौरान आपको अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ सकता है।

Indian Railways Luggage Rules
दरअसल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में साफ किया है कि ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों को तय मुफ्त सामान सीमा से ज्यादा सामान ले जाने पर अब पैसे देने होंगे। यह जानकारी उन्होंने सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी के सवाल के जवाब में दी। सवाल था कि क्या रेलवे भी हवाई अड्डों की तरह बैगेज नियम लागू करेगा? जवाब में मंत्री ने कहा—हां, नियम पहले से मौजूद हैं और अब इन्हें और स्पष्ट किया जा रहा है।

Indian Railways Luggage Rules

अब आप सोच रहे होंगे कि “क्या ट्रेन में भी फ्लाइट जैसी पाबंदी लगने वाली है?”
तो जवाब है—पूरी तरह नहीं, लेकिन सामान को लेकर लापरवाही अब नहीं चलेगी।
रेलवे के नियमों के मुताबिक, हर यात्री को एक तय सीमा तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति होती है। यह सीमा आपके टिकट क्लास पर निर्भर करती है। लेकिन अगर आप इस मुफ्त सीमा से ज्यादा सामान ले जाते हैं, तो भी आपको कोच में सामान ले जाने की इजाजत मिलेगी, बस इसके लिए आपको निर्धारित दर से 1.5 गुना अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यानी रेलवे ने साफ कर दिया है कि ज्यादा सामान ले जाना मना नहीं है, लेकिन अब मुफ्त भी नहीं होगा।

Indian Railways Luggage Rules
अब बात करते हैं सामान के साइज की, जो सबसे ज्यादा जरूरी है।
रेलवे ने कोच क्लास के अनुसार यात्रियों के लिए सामान ले जाने की सीमा तय की है। सेकेंड क्लास में 35 किलो तक सामान मुफ्त है और 70 किलो तक शुल्क देकर ले जा सकते हैं। स्लीपर क्लास में 40 किलो मुफ्त और अधिकतम 80 किलो की अनुमति है। एसी थ्री टियर और चेयर कार में 40 किलो तक सामान ले जाना मुफ्त है और यही अधिकतम सीमा भी है। फर्स्ट क्लास और एसी टू टियर में 50 किलो तक सामान मुफ्त और अधिकतम 100 किलो तक ले जाने की छूट है, जबकि एसी फर्स्ट क्लास में 70 किलो मुफ्त और 150 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति दी गई है।

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Indian Railways Luggage Rules

रेल मंत्री ने बताया कि 100 सेंटीमीटर लंबाई, 60 सेंटीमीटर चौड़ाई और 25 सेंटीमीटर ऊंचाई तक के ट्रंक, सूटकेस या बॉक्स को यात्री अपने पर्सनल लगेज के तौर पर कोच में ले जा सकते हैं। यह वही सामान है जिसे आप अपनी सीट के पास या बर्थ के नीचे रखते हैं।
लेकिन अगर आपका ट्रंक या बॉक्स इससे बड़ा है, तो फिर उसे कोच में रखने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे बड़े सामान को आपको ब्रेक वैन या पार्सल वैन में बुक कराना होगा। यानी अब ट्रेन के अंदर ओवरसाइज बक्सों से गलियारे जाम करने का दौर खत्म होने वाला है।

अब सवाल उठता है—इस नियम से यात्रियों को फायदा क्या होगा?
सबसे बड़ा फायदा यह है कि ट्रेन के अंदर अव्यवस्था कम होगी। भारी और बेतरतीब सामान की वजह से जो परेशानी होती थी, उससे राहत मिलेगी। दूसरा फायदा यह है कि यात्रियों को पहले से पता होगा कि कितना सामान रखना है, जिससे आखिरी वक्त की भागदौड़ और जुर्माने से बचा जा सके।

Indian Railways Luggage Rules
रेलवे का यह कदम पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। खासकर लंबी दूरी की यात्राओं में यह नियम सफर को ज्यादा आरामदायक बनाएगा। साथ ही रेलवे ने संकेत दिया है कि भविष्य में हवाई अड्डों जैसी आधुनिक बैगेज सुविधाएं भी ट्रेनों में देखने को मिल सकती हैं।

तो अगर आप भी सोच रहे हैं कि “अरे, ट्रेन है… जितना चाहो सामान भर लो”,
तो अब वक्त है सोच बदलने का।
यात्रा से पहले बैग तौल लीजिए, साइज चेक कर लीजिए, और तय मुफ्त सीमा के अंदर ही सामान रखें। वरना स्टेशन पर या ट्रेन में आपको अतिरिक्त पैसे देने पड़ सकते हैं।
अगर आपको यह जानकारी काम की लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें, ताकि कोई भी यात्री अनजाने में परेशानी में न पड़े।
क्योंकि अब ट्रेन का सफर भी प्लानिंग के साथ करना जरूरी हो गया है।

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