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 बिहार में साकार हुई गंगाजल आपूर्ति योजना की सराहना संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा की गयी है. संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसकी प्रशंसा करने के साथसाथ इसे अनुकरणीय भी बताया है. इस योजना को साकार होता देख उन्होंने इस योजना को उन इलाकों के लिए वरदान बताया है. इरिक सोल्हेम जो की संयुक्त राष्ट्र संघ में इनवायरनमेंट प्रोग्राम के कार्यकारी हैं उन्होंने गंगाजल आपूर्ति योजना को लेकर ट्वीट की है. उन्होंने अपने ट्वीट में इस परियोजना की प्रशंसा करते हुए कहा की ब्रावो बिहार, एक सपना जो साकार हुआ. उन्होंने कहा की भारत के लिए गंगा आपूर्ति योजना एक चमत्कारिक योजना है. जिन क्षेत्रो में पानी की समस्या है उन क्षेत्रों में पीने वाले पानी की आपूर्ति तो होगी ही साथ ही साथ यह पर्यावरण प्रबंधन का भी मॉडल है.इरिक सोल्हेम के द्वारा किये गये ट्वीट को संजय कुमार झा ने रीट्वीट कर के उन्हें धन्यवाद कहा. बता दें की संजय कुमार झा बिहार के जल संसाधन और सूचना जनसंपर्क मंत्री हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा की वास्तव में यह एक प्रतिष्ठित परियोजना है, और एक टेम्पलेट है जिसे सूखे और बाढ़ की दोहरी मार झेल रहे बिहार जैसे कई क्षेत्रों में दोहराया जा सकता है। यह योजना मुख्यमंत्री की एक दूरदर्शी सोच और परिकल्पना है, जो सच में साकार हो गया है.

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आइये अब अपने इस चर्चा के बीच हम इस योजना के बारे में जानते हैं. बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में इस तरह की यह पहली योजना है. चार महीने तक बाढ़ के पानी को इस योजना के तहत जल संकट वाले शहरों तक पहुंचा कर वहां इसे बड़े जलाशयों में संरक्षित किया जायेगा. वहां संरक्षित और भंडारित किये पानी को उच्च तकनीक द्वारा लैस मशीनों से पानी को साफ़ कर के लोगों के घरों तक पहुँचाया जायेगा. ताकि लोग इस पानी को पीने या अन्य कामों के लिए उपयोग में ला सकें. बता दें की बिहार की भौगोलिक स्थिति के कारण इसे हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है. साथ ही साथ गंगा नदी के रास्ते कुछ प्रमुख नदियों का पानी समुन्द्र की तरफ बढ़ जाता है. जहाँ एक तरफ उत्तर बिहार बाढ़ जैसी आपदा से परेशान है वहीँ दक्षिण बिहार को प्रत्येक वर्ष सुखार का सामना करना पड़ता है. दक्षिण बिहार में कई ऐसे स्थल हैं जो पर्यटन केंद्र हैं. जिनमे सबसे खास है बोधगया. यहाँ भ्रमण के लिए लाखों शैलानी हर वर्ष आते हैं. गर्मियों के समय में यहाँ पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है. जिसके कारण यहाँ पानी टैंकर से जल की आपूर्ति की जाती है. इस योजना के कारण अब बिहार के सुखारग्रस्त इलाकों में गंगा के पानी से जलापूर्ति हो जाती है. अब भीष्ण गर्मी में भी उन्हें पीने के पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.

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बता दें की माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर में पहले फेज की शुरुआत 27 नवम्बर को की. वहीँ गया और बोधगया में नीतीश कुमार द्वारा 28 नवम्बर को इसका उद्घाटन किया गया. अब इस पहले फेज के बाद घरघर गंगा जल पहुँचाने का लक्ष्य नवादा शहर में जून 2023 तक रखा गया है. बता दें की ये इलाकें सुखारग्रस्त इलाकें हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहाँ के स्थिति को देखते हुए ही इन जगहों पर इस योजना का शिलान्यास किया है. इन इलाकों में गंगा जल को पाइप लाइन के जरिये पहुँचाया जायेगा. ये जल पूरी तरह से शोधित होंगे जिन्हें पेयजल के रूप में लोगों तक पहुँचाया जाना है. जिस सपने की परिकल्पना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी वह अब साकार हो चूका है और इस योजना को प्रदेश और देश में ही नहीं विदेश में भी सराहा जा रहा है.

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