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आईसीसी वनडे विश्व कप का तेरहवां संस्करण का काउंट डाउन शुरू हो चूका है, इस महाकुंभ में भाग लेने वाली सभी दस टीमें जीजान से खिताब को लेकर आपस में भिड़ने जा रही है, जिसमें डिफेंडिंग चैम्पियन इंग्लैंड भी अपने पुरे दमखम से उतरने को बेताब है, दो हजार उन्नीस विश्व कप की तरह इस बार भी इंग्लैंड की टीम को सभी क्रिकेट पंडित इसे अपना फेवरेट टीम बता रहे हैं, इंग्लैंड के जबदस्त फॉर्म को देखते हुए उनके दावे को नकारा नहीं जा सकता है, जोस बटलर के नेतृत्त्व में और घातक खिलाड़ियों से सजी यह टीम इस बार भी कुछ करने को उतारू है, इस टीम में बैटिंग से लेकर बॉलिंग और ऑलराउंडर की फौज भरी पड़ी है और इंग्लैंड टीम की इस बार भी पूरी कोशिश रहेगी कि अपना खिताब डिफेंड कर सके.

इस टीम की सबसे बड़ी ताकत और जो इसे खास बनाती है वह है मैच विनर खिलाड़ियों का होना

इंग्लैंड की टीम पिछले कुछ सालों में मैच विनर खिलाड़ियों को भरकर पावरहाउस बन गई है, इस मौजूदा टीम के पास अभी वनडे विश्व कप के साथ टी ट्वेंटी विश्व कप का भी खिताब है, इस पावरहाउस टीम में कप्तान जोस बटलर से लेकर जॉनी बेयरेस्टो, जो रूट, लियाम लिविंगस्टोन, बेन स्टोक्स, मोईन अली, सैम कुरेन, क्रिस वोक्स, मार्क वुड जैसे घातक खिलाड़ी हैं, जो किसी भी वक्त मैच का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं, इस टीम की यही विशेषता इसे अन्य टीमों से अलग और बेहद खतरनाक बनाती है.

इंग्लैंड टीम की खामियां 

वहीं इस टीम में कुछ खामियां भी है, जो उन्हें विश्व कप जिताने में थोड़ीसी बाधा बन सकती है, बल्लेबाजी और ऑलराउंडर से भरी पड़ी यह टीम बेहद ही आक्रामक नजर आती है लेकिन जैसे ही इस टीम के गेंदबाजी डिपार्टमेंट पर नजर डाले तो यहां गेंदबाजी में अनुभव की कमी नजर आती है, दो हजार उन्नीस के विश्व कप में इंग्लैंड के पास जेम्स एंडर्सन, स्टुअर्ट ब्रॉड, जोफ्रा आर्चर जैसे अनुभवी गेंदबाज थे लेकिन इस विश्व कप में इस टीम के पास क्रिस वोक्स, मार्क वुड, आदिल रशिद, डेविड विली, रिज टॉपली जैसे गेंदबाज हैं, जिनके पास ज्यादा वनडे मैच खेलने का भी तजुर्बा नहीं है, विश्व कप जैसे मंच पर आपके पास गेंदबाजी में अनुभवी होना बहुत ही जरुरी बन जाता है जो मुश्किल हालात में दबाव झेल सके, वहीं गस एकिन्सन का अनुभवहीन होना भी आड़े आ सकता है, इसके अलावा इंग्लैंड टीम को पिछले काफी समय से इंजरी ने भी परेशान किया है, इस कारण जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी अभी भी बाहर हैं, ये कमी कहीं इंग्लैंड टीम को इस बार भारी न पड़ जाए.

यही नहीं इंग्लैंड के बल्लेबाजों को स्पिन खेलने में भी दिक्कत होती है, ये कमजोरी किसी से छिपी हुई भी नहीं है, एशियन कंडीशन में ये उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी, इसके अलावा इंग्लैंड का बैजबॉल क्रिकेट कभीकभी बैकफायर भी कर सकता है, जिससे टीम संकट में आ सकती है. इन सब के अलावा इंग्लैंड पर सबसे बड़ा दबाव अपने खिताब को बचाने का भी है.

इंग्लैंड टीम के इन खिलाड़ियों पर रहेगी खास नजर

इंग्लैंड की बल्लेबाजी की बात करे तो उनके पास अनुभवी कप्तान जोस बटलर, मोईन अली, जॉनी बेयरेस्टो, लियाम लिविंगस्टोन, डेविड मलान, बेन स्टोक्स, के अलावा युवा हैरी ब्रूक जैसे आक्रामक बल्लेबाज हैं, वहीं सबसे अनुभवी जो रूट टीम का आधार स्तम्भ हैं, इनके इर्दगिर्द ही ये सारे धाकड़ बल्लेबाज आतिशी बल्लेबाजी कर सकते हैं. वहीं इंग्लैंड के कप्तान से उनकी टीम को काफी उम्मीदें हैं वे कई बार अपनी टीम मुश्किल स्थिति से उबार चुके हैं, जोस बटलर ने इस साल दस वनडे मैचों में एक शतक और तीन अर्धशतक की मदद से पांच सौ पचपन रन बनाए हैं.

इसके अलावा इंग्लैंड टीम में ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के आ जाने से उनके हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं, इनके वापस आ जाने से इंग्लैंड काफी मजबूत बन गई है, बेन स्टोक्स कप्तान के कहने पर अपना संन्यास भी वापस ले चुके हैं, स्टोक्स ही वो खिलाड़ी हैं जिन्होंने इंग्लैंड को टी ट्वेंटी और पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जिताया था, संन्यास के बाद स्टोक्स ने तीन वनडे मैच खेले हैं जहां उन्होंने दो सौ पैतीस रन बनाए हैं जिसमें एक सौ बेरासी रन की पारी भी शामिल है.

ऑलराउंडर जिताएंगे दूसरी बार विश्व कप

इंग्लैंड की टीम ने दो हजार पंद्रह के वनडे विश्व कप हारने के बाद अपने खेल में ऐसा बदलाव किया है जिसे देखकर सभी टीमें भौचका रह गई है, जब से ब्रैडन मैकुलम ने टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की कोचिंग संभाली है, तब से सभी खिलाड़ी अपने स्ट्राइक रेट को ज्यादा महत्व देने लगे हैं, टेस्ट क्रिकेट में भी सभी बल्लेबाज तेजतरार पारी खेलते हैं, वहीं विश्व कप में इंग्लैंड के पंद्रह सदसीय टीम में ऑलराउंडर भरे पड़े हैं, ऑलराउंडर किसी भी टीम के लिए सबसे अहम कड़ी होते हैं, वे टीम को ज्यादा संतुलन प्रदान करते हैं, इस टीम के ऑलराउंडर में बेन स्टोक्स, मोईन अली, सैम कुरेन, क्रिस वोक्स, डेविड विली हैं जो गेंदबाजी के साथसाथ बल्लेबाजी भी अच्छी कर लेते हैं, ऐसे में इंग्लैंड की टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप जीते तो बिलकुल भी हैरानी नहीं होगी.

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