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बिहार की बेटी कि प्रतिभा देख कोई भी यह कह देगा कि हौसला कहां किसी को रोक पाया है. यह सबकुछ इसी हौसले के बदौलत तो हुआ है. आज भी बिहार जैसे प्रदेश में लड़कियों को क्रिकेट खेलना बहुत आसान नहीं है. लेकिन जुनून और क्रिकेट खेलने के प्रति पागलन ने बिहार की बेटी ने वह सब कर दिखाया जो एक आम और साधारण लड़की के बुते की बात नहीं है. भारत में क्रिकेट का जलवा है. क्या बड़े क्या बुढ़े, क्या बच्चा, क्या जवान, हर कोई क्रिकेट के प्रति दिनावा है. दिवानगी इस कदर है कि जब क्रिकेट मैच हो तो सड़के सुनसान हो जाती है. इसी क्रिकेट की दिवानगी में भारतीय महिला टीम का भी प्रदर्शन इन दिनों बेहतरीन रहा है. भारतीय महिला टीम में मिताली राज, झुलन गोस्वामी हरमनप्रीत कौर, शेफाली वर्मा जैसे खिलाड़ियों को कौन भूल सकता है.

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इसी क्रिकेट का सपना मन में बोए बिहार की बेटी सरिता रोज 15 किमी ट्रेन से सफर कर अपने प्रैक्टिस के लिए जाती है. सरिता का सपना टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहनना है. और वह अपने इस सपने की ओर वह बढ़ चुकी है. सरिता का चयन BCCI की ओर से नेशनल जूनियर गर्ल्स अंडर-19 महिला T-20 टीम के 40 सदस्यीय प्रिपरेटरी कैंप के लिए हुआ है. सरिता का संघर्ष किसी प्रेरणा से कम नहीं है. सरिता की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है लेकिन उसका हौसला बहुत मजबूत है. सरिता के पास एक जुनून है उसे हासिल करना चाहती है. आपको बता दें कि बिहार की बेटी को बतौर ऑल राउंडर गेंदबाज टीम में चयन किया गया है. सरिता अपनी इस कामयाबी के पीछे अपनी मां का काफी योगदान मानती है. सरिता का घर दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के बीजवारा गांव में हैं. सरिता को एक क्रिकेटर के तौर पर पसंद करने वाले लोग कहते हैं कि सरिता के पिता आज अगर जिंदा होते तो आज अपनी बेटी के चयन पर गौरवान्वित महसूस करते. सरिता की मां बताती है कि वह बचपन से ही खेलनेकूदने में काफी तेजतर्रार रही है.

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सरिता के क्रिकेट सफर की बात करें तो वह ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी खेल चुकी है. वहां इनका प्रदर्शन शानदार रहा है युनिवर्सिटी लेवल में अंडर-19 की उपकप्तान भी रह चुकी है. सरिता के गांव के लोगों ने बताया है कि वह रोज क्रिकेट के प्रैक्टिस के लिए 15 किमी ट्रेन से जाती है. गांव के लोगों ने यह भी कहा कि आज सरिता के पिता नहीं है लेकिन उसका हौसल कम नहीं हुआ है. हम सभी चाहते हैं कि सरिता एक दिन भारतीय टीम के साथ खेलते हुए दिखाई दे. ताकि प्रदेश का और देश का नाम बढ़ें.

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