Sawan: सावन का महीना यानी हिंदू पंचाग का पांचवां महीना। भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है सावन। स्वाभाविक है कि जो भगवान शिव का प्रिय है वो माता पार्वती को भी प्रिय है।
सावन के महीने को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। सावन मास में जिसने माता पार्वती और भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया समझ लो उसने जग जीत लिया।
अब आते हैं असली मुद्दे पर… सावन के महीने में हरी हरी चूड़ियां पहनने का खास महत्व है। आज इसके लाभ और महत्व पर चर्चा करेंगे। हरी हरी चूड़ियां माता पार्वती को बेहद प्रिय होता है।
पहले तो यह जान लीजिए कि इस साल यानी की वर्ष 2026 में सावन के महीने की शुरुआत 29 जुलाई यानी बुधवार से हो रही है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 दिन शुक्रवार को होगा।

दरअसल सावन के महीने में जिधर देखिए उधर हरियाली ही हरियाली छाई रहती है। ऐसे में सावन के महीने में हरे रंग का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। सावन के महीने को अखंड सौभाग्य और समृद्धि का महीना भी माना जाता है।
हिंदू मान्यता के अनुसार पवित्र सावन के महीने में भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की पूजा करना चाहिए। इस पूजा के दौरान हाथों में हरी चूड़ियां पहनने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है। अगर कुंवारी कन्या हरी चूड़ियां धारण कर भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करती है तो उसे मनचाहे वर की प्राप्ति होती है और प्रेम संबंध प्रगाढ़ होते हैं।
भारतीय परंपरा में चूड़ियां सिर्फ एक आभूषण नहीं बल्कि सुहागिन महिलाओं के मंगल, अमर सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है। सावन में हरी चूड़ियां इसी हिंदू संस्कृति का हिस्सा है। सावन के महीने को हमारी संस्कृति में प्रकृति के प्रति प्रेम और नारी के श्रृंगार के उत्सव के तौर पर भी मनाया जाता हैै।
हरी चूड़ियां पहनने से एक यह भी लाभ होता है कि हरा रंग मन को शांत करता है। तनाव और क्रोध को कम करता है। हरे रंग की चूड़ियां शांति, मंगल, शुभ और सौभाग्य का प्रतीक हैं।
ये तो हो गई हरी चूड़ियों के महत्व की बात। अब जान लेते हैं कि हरी चूड़ियों को पहनने के नियम क्या हैं ? ज्योतिष शास्त्र के जानकारों की मानें तो हरी चूड़ियों को धारण करने के समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए।
सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि जिस दिन सावन का महीना शुरु होता है, उस दिन प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत होकर साफ सुथरे वस्त्र धारण श्रद्धापूर्वक हरी चूड़ियां पहननी चाहिए। ऐसा करना बेहद शुभ फलदायक माना जाता है।
हरी चूड़ियां पहनने के समय भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें। उनसे अपने दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि, परिवार और जगत के कल्याण की प्रार्थना और कामना करें। अगर आप कुंवारी हैं तो माता पार्वती और भगवान शिव से अपने लिए मनचाहे वर की कामना करें। अगर आप किसी के साथ प्रेम संबंध में हैं तो उसके साथ विवाह की प्रार्थना करें।
इस बात का ख्याल रखें कि जिन चूड़ियों को आप पहनने जा रही हैं, उनमें से कोई भी चूड़ी टूटी हुई, चटकी हुई या खंडित न हों– यदि कोई चूड़ी पहनते समय टूट जाए, तो उसे तुरंत अलग कर दें और उसकी जगह नई एवं सही चूड़ी धारण करें।
इसके अलावा हरी चूड़ियां हमेशा श्रद्धा के साथ पहनें। उनका अनादर न करें और पूजा के समय मन में सकारात्मक भाव रखें।
तो अगर आप भी इस सावन भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाना चाहते हैं, तो पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ हरी चूड़ियां जरूर धारण करें। मान्यता है कि सच्ची आस्था और श्रद्धा से किया गया हर उपाय निश्चित रूप से शुभ फल देता है। इसी कामना के साथ हम भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती से प्रार्थना करते हैं कि यह पावन सावन आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों की बरसात लेकर आए। हर–हर महादेव… जय माता पार्वती!
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। किसी भी निर्णय से पहले अपने विवेक का उपयोग करें।
