VinayakChaturthi: हिंदू पंचांग के अनुसार 17 जुलाई 2026 को अनिरुद्ध विनायक Aniruddha Vinayakचतुर्थी है। इसे कलंक चतुर्थी भी कहते हैं। इस दिन पवित्र मौके पर हम आपके साथ चर्चा करें उसके पहले आपको बता दें कि इस दिन अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी की रात में चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। भूल कर भी आकाश को नहीं देखना चाहिए। इसकी क्या वजह है हम आपको विस्तार से बता रहे हैं।
मान्यता है कि इस दिन आसमान में चंद्रमा दर्शन करने मनुष्य पर झूठा कलंक लग जाता है। बेवजह उसे सार्वजनिक तौर पर समाज में बदनामी का सामना करना पड़ता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्रमा को अपने रुप पर बहुत घमंड हो गया था। अपनी सुंदरता के मद में आकर चंद्रमा ने एक दिन भगवान गणेश के हाथी सूंड वाले स्वरुप को लेकर उनका मजाक उड़ा दिया। भगवान गणेश क्रोधित हो गए और चंद्रमा को अभिशाप दिया कि जो कोई भी चतुर्थी के दिन तुम्हारे दर्शन करेगा, उस पर झूठा कलंक लगेगा और नाहक में उसे बदनामी का सामना करना पड़ेगा।
इस पर चंद्रमा को अपनी भूल का एहसास हुआ और उसने गणेश जी से क्षमा याचना शुरु कर दी। इस पर गणेश जी ने कहा कि मैंने जो श्राप तुमको दिया है, वो पूरी तरह समाप्त तो नहीं होगा लेकिन यह वरदान भी साथ दिया कि जो व्यक्ति चतुर्थी के दिन गलती से चंद्रमा को देख लेखा और उसके बाद श्रीकृष्ण स्यंमतक मणि Shri Krishna Syamantaka Mani की कथा सुन या पढ़ लेगा, उसका सारा कलंक धुल जाएगा।
मान्यता है कि इस दिन कोई भी जातक भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा अर्चना करता है, उसके जीवन में आ रही सारी बाधाएं दूर होती हैं और उसके जीवन में शांति और सौभाग्य का आगमन होता है। पुराणों के अनुसार भगवान गणेश सिद्धि और बुद्धि के स्वामी हैं। आज के दिन छात्रों को भगवान गणेश की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इससे उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है और उनकी मानसिक एकाग्रता बढ़ती है।
विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए उन्हें दूर्वा, लाल फूल, मोदक, सिंदूर, चंदन, धूप दीप और मौसमी फल अर्पित करने चाहिए। पूजा के दौरान ओम गं गणपतेय नमः और वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विध्नं कुरु मे दे सर्वकार्येषु सर्वदा का Nirvighnaṁ Kuru Me Deva Sarva Kāryeṣu Sarvadā जाप करना चाहिए।
विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को 21 दूर्वा यानी दूब चढ़ाएं और 108 बार आंखें बंद कर भगवान गणेश को ध्यान कर ओम गं गणपतये नमः का जाप करें।
भगवान गणेश जी को मोदक या बेसन का लड्डू बेहद प्रिय होता है। मान्यता है कि आज के दिन गणेश जी की पूजा करने के बाद मोदक का प्रसाद ग्रहण करने और परिवार के सदस्यों में बांटने से घर परिवार में मंगल ही मंगल होता है।
गाय को गुड़ और हरा चारा खिलाएं: विनायक चतुर्थी के दिन गौमाता को गुड़ और हरा चारा खिलाने से आर्थिक संकट दूर होता है। पुण्य फल की प्राप्ति होती है। परिवार में सुख सौभाग्य और शांति बनीं रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी का दिन भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। श्रद्धा और विधि–विधान से गणेश जी की पूजा करें, यदि संभव हो तो आज चंद्र दर्शन से बचें और विघ्नहर्ता से जीवन के सभी संकट दूर करने, सुख–समृद्धि, बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करें। गणपति बप्पा मोरया!
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