Gupt navratri: आप में से कई लोग यह नहीं जानते होंगे कि नवरात्रि साल में चार बार आती है। दो बार प्रकट नवरात्रि और दो बार गुप्त नवरात्रि। प्रकट नवरात्रि चैत्र और शारदीय नवरात्रि को बोलते हैं जबकि गुप्त नवरात्रि आषाढ़ और माघ महीने के शुक्ल पक्ष में आती है। गुप्त नवरात्रि जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि छिपी हुई नवरात्रि। गुप्त नवरात्रि प्रकट नवरात्रि से अलग होती है। इस दौरान पूजा पाठ जप तप अनुष्ठान को गुप्त रखा जाता है। गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना, सिद्धि, अलौकिक शक्ति और विशिष्ट इच्छाओं की पूर्ति के लिए किए जाते हैं। गुप्त नवरात्रि आज 15 जुलाई से शुरु हो रही है।
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के दस महाविद्याओं की विशेष पूजा और साधना की जाती है। इनमें मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी, मां कमला हैं।
आइए, आज गुप्त नवरात्रि के अवसर पर हम बात करेंगे उन खास उपायों की जो विवाह योग को प्रबल बनाता है। अगर किसी जातक की विवाह में बाधाएं आ रहीं हैं। रिश्ते बनते बनते टूट या बिखरते जा रहे हैं। कुंडली में बृहस्पति और शुक्र का बल कमजोर है तो गुप्त नवरात्रि आपके लिए बेहद उत्तम काल है जिसमें आप विशेष उपायों के जरिए आदिशक्ति को प्रसन्न कर सकते हैं और विवाह के मार्ग को सुगम बना सकते हैं। 09 दिन का यह पावन अवसर आपके जीवन में सुअवसर लेकर आ सकता है।
1. भगवान शिव और माता पार्वती के विग्रह पर कलावा से करें गठबंधन: गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विग्रह पर कलावा लेकर सात बार लपेटते हुए गठबंधन करंे और अपने विवाह के निमित प्रार्थन करें। मान्यता है कि ऐसा करने से विवाह में आने वाली बाधा दूर होती है।
2. हल्दी की गांठ करें भोलेनाथ को अर्पित: विवाह को लेकर विलंब और बाधा का सामना कर रहे युवक एवं युवतियों को गुप्त नवरात्रि के दौरान नियमित रुप से भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को हल्दी की गांठे अर्पित करनी चाहिए। यह उपाय आपके शीघ्र विवाह के योग्य को प्रबल बनाता है।
3. अर्गला स्तोत्र का करें पाठ: विवाह में ज्यादा विलंब हो रहा है तो दुर्गा सप्तशती के अर्गला स्तोत्र का नियमित पाठ करें। मन में विवाह की कामना लेकर पत्नी मनोरमां देहि या रुपं देहि जयं देहि का पाठ करें। इस उपाय से शीघ्र ही आपके विवाह का योग बन सकता है।
4. श्रृंगार सामग्री का करें दान: गुप्त नवरात्रि की पंचमी अथवा अष्टमी तिथि को किसी सुहागन स्त्री को सिंदूर, लाल साड़ी, मेहंदी और चूड़ियां दान अथवा उपहार में दें। ऐसा करने से आपकी कुंडली का मांगलिक दोष और राहु केतु का नकारात्मक प्रभाव शांत होता है। ऐसा उपाय करने से शीघ्र विवाह का योग बनता है और सुंदर सुशील जीवनसाथी मिलता है।
इन उपायों को गुप्त नवरात्रि के दौरान पूरी श्रद्धा, विश्वास और विधि–विधान के साथ करने की मान्यता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सच्चे मन से की गई देवी उपासना और भगवान शिव–पार्वती का आशीर्वाद विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने, मांगलिक दोष के प्रभाव को कम करने तथा शीघ्र विवाह के योग को प्रबल बनाने में सहायक माना जाता है।
हालांकि, इन उपायों के साथ धैर्य, सकारात्मक सोच और उचित प्रयास भी उतने ही आवश्यक हैं। यदि आपकी कुंडली में किसी विशेष ग्रह दोष की स्थिति है, तो किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेकर ही उपाय करना अधिक उचित रहेगा। मां भगवती की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि और मनचाहे जीवनसाथी का आगमन हो, यही शुभकामना है।
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