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Bihar Girls Hostel New Guidelines:बिहार राज्य में छात्राओं के सुरक्षित और संरक्षित आवास सुनिश्चित करने के लिए सरकार और पुलिस द्वारा गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के संचालन हेतु स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि छात्राओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की भी सुरक्षा करना है। ऐसे हॉस्टल/लॉज, जिनमें छात्राएं ठहरती हैं, उनका पंजीकरण अनिवार्य है। इसका मतलब है कि बिना पंजीकरण के कोई भी हॉस्टल या लॉज संचालित नहीं हो सकता। पंजीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि हॉस्टल मानक नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है।

Bihar Girls Hostel New Guidelines

सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण कदम कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन है। हॉस्टल में काम करने वाले सभी स्टाफ का बैकग्राउंड चेक और पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि हॉस्टल में कार्यरत किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास या संदिग्ध गतिविधि नहीं है।

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इसके अलावा हॉस्टल में बुनियादी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होना आवश्यक है। इसके अंतर्गत 24×7 CCTV निगरानी, पर्याप्त और सुरक्षित प्रकाश व्यवस्था, नियमित साफसफाई और मजबूत दरवाजे एवं ताले शामिल हैं। CCTV की निगरानी से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत ध्यान दिया जा सकता है, जबकि उचित प्रकाश व्यवस्था रात के समय भी सुरक्षा सुनिश्चित करती है। साफसफाई से न केवल स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है, बल्कि यह हॉस्टल की समग्र वातावरण को भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाता है।

Bihar Girls Hostel New Guidelines

हॉस्टल की सुरक्षा में वार्डन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रत्येक हॉस्टल में कम से कम एक महिला वार्डन की उपस्थिति 24 घंटे अनिवार्य है। वार्डन का दायित्व होता है कि छात्राओं की सुरक्षा और उनकी भलाई सुनिश्चित हो। अगर कोई छात्रा अस्वस्थ महसूस करे या किसी संदिग्ध गतिविधि का सामना करे, तो वार्डन तुरंत अभिभावक और संबंधित पुलिस स्टेशन को सूचित करें। इस प्रकार, त्वरित कार्रवाई की सुविधा बनी रहती है और छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहती।

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प्रवेश और निकास के नियम भी सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। हॉस्टल में आने वाले सभी विजिटरों का रजिस्टर में रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। साथ ही पुरुषों का हॉस्टल में प्रवेश पूर्ण रूप से निषिद्ध है। इसके अलावा बायोमेट्रिक हाजरी की व्यवस्था से छात्राओं की उपस्थिति की निगरानी होती रहती है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित जानकारी प्राप्त होती है।

Bihar Girls Hostel New Guidelines

आपातकालीन स्थिति में छात्राओं और स्टाफ के लिए हेल्पलाइन नंबर हॉस्टल रिसेप्शन में लगाए गए हैं। इसमें स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 नंबर शामिल हैं। इसके साथ ही 112 India ऐप में Women Safety फीचर्स का प्रशिक्षण और जानकारी छात्राओं और स्टाफ को दी जाती है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत मदद प्राप्त की जा सके।

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इन सभी दिशानिर्देशों का पालन कर बिहार राज्य में गर्ल्स हॉस्टल और लॉज को सुरक्षित, संरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सकता है। यह न केवल छात्राओं को सुरक्षित आवास प्रदान करता है, बल्कि उनके मातापिता और अभिभावकों को भी मानसिक शांति देता है। सुरक्षा, जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया के माध्यम से हम एक ऐसा वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं, जहां छात्राएं निडर होकर अपने शिक्षा और करियर के लक्ष्य प्राप्त कर सकें।

Bihar Girls Hostel New Guidelines

बिहार पुलिस द्वारा जारी ये दिशानिर्देश एक स्पष्ट संदेश देते हैं कि महिला सुरक्षा राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी हॉस्टल संचालकों, स्टाफ और छात्राओं को चाहिए कि वे इन नियमों का कड़ाई से पालन करें और सुरक्षा को सर्वोपरि रखें।

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