कोस–कोस पे बदले पानी, ढ़ाई कोस पे वाणी जितना ये कहावत अपने देश भारत के लिए चरितार्थ होता है उतना ही यह बिहार पर भी सटीक बैठता है. क्योंकि विविधिताओं से भरे इस प्रदेश में हर चार कदम पर कुछ ना कुछ ऐसा है जो लोगों को चौका देता है. चाहे यहां की बोली हो […]
