बिहारी बेजोड़ के आज के सेगमेंट में बात एक ऐसे कवि की जिसने तब के सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री को खुला चैलेंज कर दिया था. इतना ही नहीं जब जब सत्ता अपने रास्ते से भटकती नजर आई इन्होंने अपनी कविता से उसे एक धार देने की कोशिश करते रहे. वे तब भी और आज जब वे […]
