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Patna News: पटना घूमने आए हैं और सोच रहे हैं कि यहां सिर्फ लिट्टी-चोखा खाकर वापस लौट जाएंगे? तो जरा रुकिए। बिहार की राजधानी पटना सिर्फ इतिहास, गंगा घाट और अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने शानदार स्ट्रीट फूड के लिए भी मशहूर है। शहर की गलियों में आपको ऐसे कई स्वाद मिल जाएंगे, जिन्हें चखने के बाद डाइट का प्लान अगले दिन से शुरू करने का मन करेगा।

कहीं घी में डूबी गर्मागर्म लिट्टी आपका इंतजार कर रही है, तो कहीं कुरकुरी कचौरी के साथ मसालेदार घुघनी का स्वाद मिल रहा है। वहीं शाम होते ही कई इलाकों में चटपटी चटनी के साथ मोमोज की प्लेट के लिए युवाओं की भीड़ नजर आती है। यानी पटना को सिर्फ देखना नहीं, बल्कि चखना भी जरूरी है।

आइए जानते हैं पटना के कुछ ऐसे स्ट्रीट फूड, जिन्हें यहां आने पर आपको जरूर ट्राई करना चाहिए।

9441. लिट्टी-चोखा: पटना के स्वाद की पहचान

पटना के स्ट्रीट फूड की बात हो और लिट्टी-चोखा का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। सत्तू और मसालों से भरी लिट्टी को आग या कोयले पर सेंका जाता है। इसकी खुशबू ही भूख बढ़ाने के लिए काफी होती है।

गर्मागर्म लिट्टी के साथ बैंगन, आलू और टमाटर से तैयार चोखा और ऊपर से भरपूर घी मिल जाए तो इसका स्वाद और भी खास हो जाता है। पटना में सड़क किनारे छोटे स्टॉल से लेकर कई दुकानों तक लिट्टी-चोखा आसानी से मिल जाता है।

2. बटाटा पूरी: चटपटे स्वाद का मजेदार कॉम्बिनेशन

अगर आपको खट्टा-मीठा और मसालेदार खाना पसंद है तो बटाटा पूरी आपकी पसंद बन सकती है। कुरकुरी पूरियों के साथ मसालेदार आलू, दही, चटनी, प्याज और सेव का कॉम्बिनेशन इसे बेहद स्वादिष्ट बना देता है।

एक प्लेट में कई तरह के स्वाद मिलने की वजह से यह स्ट्रीट फूड खासतौर पर युवाओं और चटपटा खाने के शौकीनों के बीच पसंद किया जाता है। शाम की आउटिंग के दौरान दोस्तों के साथ इसे जरूर ट्राई किया जा सकता है।

3. कचौरी-घुघनी: देसी नाश्ते का स्वाद

पटना में सुबह का नाश्ता करना हो तो कचौरी-घुघनी एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मागर्म और कुरकुरी कचौरी के साथ मसालेदार चने या मटर की घुघनी का स्वाद बेहद शानदार लगता है।

इसके ऊपर प्याज, हरी मिर्च और मसाला डाल दिया जाए तो स्वाद और बढ़ जाता है। सस्ता, पेट भरने वाला और स्वादिष्ट होने के कारण यह देसी कॉम्बिनेशन आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

4. मालपुआ: खाने के बाद कुछ मीठा हो जाए

चटपटे स्ट्रीट फूड के बाद अगर मीठा खाने का मन हो तो मालपुआ जरूर ट्राई करें। दूध और आटे या मैदा से तैयार घोल को पकाकर इसे मीठी चाशनी में डुबोया जाता है।

गर्मागर्म और रसीला मालपुआ बिहार की पारंपरिक मिठास का स्वाद देता है। त्योहारों और खास मौकों पर भी इसे बनाने की परंपरा रही है। हालांकि पटना में इसका स्वाद लेने के लिए किसी खास त्योहार का इंतजार करने की जरूरत नहीं है।

5. खाजा: परतों में छिपी पारंपरिक मिठास

बिहार की पारंपरिक मिठाइयों की बात खाजा के बिना अधूरी है। इसकी सबसे खास पहचान इसकी कुरकुरी और परतदार बनावट है। मैदा से तैयार पतली परतों को तलकर चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी खास हो जाता है।

बिहार में सिलाव का खाजा खास तौर पर प्रसिद्ध है। अगर आप बिहार के पारंपरिक खान-पान को करीब से समझना चाहते हैं तो खाजा का स्वाद जरूर चखें।

6. मोमोज: पटना के युवाओं का नया फेवरेट

पटना के बदलते फूड कल्चर की बात करें तो मोमोज का नाम जरूर आएगा। शहर के कई इलाकों में शाम होते ही मोमोज के स्टॉल पर युवाओं की भीड़ देखने को मिलती है।

स्टीम्ड हो या फ्राइड, मोमोज के साथ मिलने वाली तीखी लाल चटनी इसका स्वाद और बढ़ा देती है। मरीन ड्राइव और मौर्यालोक जैसे इलाकों में घूमते हुए आपको कई जगह मोमोज के स्टॉल मिल सकते हैं।

पटना आएं तो स्वाद के साथ लौटें

पटना की खूबसूरती सिर्फ इसके ऐतिहासिक स्थलों, गंगा घाटों और पुरानी गलियों में नहीं, बल्कि यहां के खान-पान में भी दिखाई देती है। लिट्टी-चोखा बिहार की पहचान है, कचौरी-घुघनी देसी स्वाद का अहसास कराती है, बटाटा पूरी चटपटापन बढ़ाती है, मालपुआ और खाजा मिठास घोलते हैं, जबकि मोमोज शहर के बदलते फूड कल्चर की झलक दिखाते हैं।

तो अगली बार पटना आएं तो सिर्फ घूमकर वापस न जाएं। इन स्वादों में से कम से कम एक को अपनी फूड लिस्ट में जरूर शामिल करें। अब आप बताइए—लिट्टी-चोखा, कचौरी-घुघनी, बटाटा पूरी, मालपुआ, खाजा या मोमोज, पटना का असली Food King आपके लिए कौन है?

 

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