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लौकही प्रखंड के नरहिया तक जाने वाली सड़क NH 104 जो की बिहार में पूर्वी चंपारण जिले में है वहां अब फोरलेन बनाया जायेगा. NHAI यानि भारतीय राष्ट्रिय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इसकी कवायद भी शुरू की जा चुकी है. बता दें की फोरलेन बनाने के लिए DPR बनाने का काम इसके लिए दो अलग–अलग पैकेज में चल रहा है. सात जिले के लोगों को इस सड़क की चौड़ाई बढ़ने से फायेदा होगा. NH 104 का निर्माण कार्य साल 2016 में शुरू किया गया था. वर्त्तमान में NH 104 दो लेन की सड़क है इसलिए इसे अब फोरलेन बनाने की पहल शुरू कर दी गयी है. चकिया से शुरू होते हुए सीतामढ़ी, सुरसंड, भिट्ठामोड़ होकर मधुबनी जिले के मधवापुर, हरलाखी प्रखंड को जोड़ते हुए लौकही प्रखंड के नरहिया में NH 57 में जाकर यह सड़क मिलती है. मालूम हो की मुजफ्फरपुर से पूर्णिया तक NH 57 जाती है. ऐसे में पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा और मधुबनी जिलों में आवागमन की सुविधा होगी यदि NH 104 का फोरलेन बन कर तैयार हो जाता है. साथ हीं साथ इसके बनने से मुजफ्फरपुर और पूर्णिया की तरफ आना–जाना आसान और सुगम हो जायेगा. वहीँ 219 किलोमीटर तक NH 104 की कुल लम्बाई होगी. भिट्ठामोड़ से नरहिया तक भूमि के सर्वे के लिए निविदा और 113 किलोमीटर के DPR को भारतीय राष्ट्रिय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा तैयार कर लिया गया है. इस निविदा को 27 मार्च तक कंपनियों से प्राप्त की जाएगी.

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इसके लिए बचे कार्यों को पूरा करने के लिए कंपनियों का चयन करने के बाद दस महीने का समय निर्धारित किया गया है. आगे की कार्यवाई DPR तैयार करने के बाद हीं शुरू किया जाएगा. इसके निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी होगी जब इसके अंतर्गत DPR पर स्वीकृति मिल जाएगी. वहीँ कंपनियों द्वारा इस सड़क के चकिया से भिट्ठामोड़ तक यानि इस सड़क के एक भाग पर निविदा प्राप्त की जा चुकी है. मिली जानकारी के अनुसार कागजात के मूल्यांकन और उनके दावों का काम चल रहा है जिन कंपनियों द्वारा निविदा भरा गया है. कंपनियों का चयन जल्द हीं कर लिया जायेगा. इस बात की सूचना अधिकारयों की तरफ से दी गयी है.

यदि NH 104 भी फोरलेन में बन कर तैयार हो जायेगा तो राज्य में कुल 16 नेशनल हाईवे फोरलेन में तब्दील हो जायेंगे. कहा जाता है की किसी भी देश या राज्य के विकास की गति में परिवहन काफी मायने रखता है. यदि सड़क और यातायात की सुविधा अच्छी होंगी तो राज्य के विकास में भी गति आएगी. नेशनल हाईवे के विकास की कई परियोजनाओं को राज्य में PM स्पेशल पैकेज के तहत केंद्र सरकार द्वारा हरी झंडी दी गयी है. बता दें की PM स्पेशल पैकेज के तहत वैसे नेशनल हाईवे पर अधिक जोर दिया गया है जिसका राज्य के साथ–साथ राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व भी है.

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आइये अब अपने इस चर्चा में बिहार में उन 16 NH को जानते हैं जो फोरलेन है. सबसे पहले तो पटना–सासाराम है. उसके बाद औरंगाबाद–पटना–दरभंगा, सिवान–सत्तरघाट–केसरिया–सुरसंड. फिर आता है पूर्णिया–नारायणपुर, भागलपुर–नवगछिया, फारबिसगंज–जोगबनी, गया–बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर–बरौनी, हाजीपुर–छपरा फिर सिमरिया–खगरिया–पूर्णिया, मोकामा–मुंगेर–भागलपुर, आरा–मोहनिया, रजौली–बख्तियारपुर, बख्तियापुर–मोकामा, पटना–गया–डोभी और पटना–आरा–बक्सर.

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