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Bihar MLC: बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। चुनावी माहौल के बीच लोगों की दिलचस्पी इस बात में भी बढ़ गई है कि आखिर विधान परिषद के सदस्य यानी MLC को सरकार की ओर से कितनी सैलरी मिलती है। इसके अलावा उन्हें कौन-कौन से भत्ते, यात्रा सुविधाएं, चिकित्सा लाभ और पेंशन मिलती है? आइए जानते हैं इससे जुड़ी पूरी जानकारी।

क्या होता है MLC?

434MLC का पूरा नाम Member of Legislative Council यानी विधान परिषद सदस्य है। बिहार विधान परिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन है। इसके सदस्य अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों और निर्धारित चुनावी प्रक्रियाओं के माध्यम से चुने जाते हैं। इसके अलावा कुछ सदस्यों को राज्यपाल द्वारा नामित भी किया जाता है।

विधान पार्षदों का काम केवल सदन की कार्यवाही में शामिल होना नहीं है। वे अपने क्षेत्र और जनता से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में उठाते हैं। सरकार से सवाल पूछने, विभिन्न नीतियों और योजनाओं पर चर्चा करने तथा राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

MLC को कितना वेतन मिलता है?

विधान पार्षदों के वेतन और भत्तों को लेकर उपलब्ध विवरण में अलग-अलग मदों का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार MLC को 50,000 रुपये मासिक मूल वेतन मिलने की बात कही गई है। इसके साथ क्षेत्रीय भत्ता, निजी सहायक भत्ता, कार्यालय एवं स्टेशनरी खर्च और टेलीफोन-संचार भत्ता भी शामिल किए जाते हैं।

बताए गए आंकड़ों के अनुसार, 55,000 रुपये क्षेत्रीय भत्ता, 40,000 रुपये निजी सहायक भत्ता, 15,000 रुपये कार्यालय एवं स्टेशनरी खर्च और 8,300 रुपये टेलीफोन एवं संचार भत्ता शामिल हैं। इन सभी मदों को जोड़ने पर कुल मासिक राशि 1,68,300 रुपये तक बताई जाती है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग भत्तों की पात्रता, भुगतान और राशि सरकार के मौजूदा नियमों एवं समय-समय पर जारी आदेशों पर निर्भर करती है। इसलिए इन आंकड़ों को अंतिम आधिकारिक वेतन मानने से पहले संबंधित सरकारी आदेश की जांच करना जरूरी है।

सत्र के दौरान मिलता है दैनिक भत्ता

विधान परिषद के सत्र या आधिकारिक कार्य से जुड़े दिनों में सदस्यों को दैनिक भत्ता भी मिल सकता है। उपलब्ध जानकारी में पटना में 3,000 रुपये प्रतिदिन और राज्य से बाहर 3,500 रुपये प्रतिदिन के दैनिक भत्ते का उल्लेख मिलता है। यह भुगतान भी निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर किया जाता है।

MLC को मिलती हैं कौन-कौन सी सुविधाएं?

वेतन के अलावा विधान पार्षदों के लिए कई अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान हो सकता है। इनमें सरकारी आवास अथवा आवास संबंधी सहायता, चिकित्सा सुविधा, यात्रा लाभ और वाहन खरीदने के लिए अग्रिम राशि जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

प्रस्तुत विवरण में सालाना 4 लाख रुपये के यात्रा कूपन, वाहन खरीदने के लिए 25 लाख रुपये तक के अग्रिम और 2,000 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन सुविधाओं की मौजूदा सीमा, पात्रता और नियमों में समय के साथ बदलाव संभव है।

कार्यकाल के बाद कितनी मिलती है पेंशन?

MLC के लिए पेंशन और चिकित्सा सहायता से जुड़े प्रावधान भी मौजूद हो सकते हैं। उपलब्ध विवरण में 45,000 रुपये मासिक पेंशन का दावा किया गया है। लेकिन पेंशन की वास्तविक राशि सदस्य के कार्यकाल, पात्रता और उस समय लागू सरकारी नियमों पर निर्भर कर सकती है।

इसलिए किसी एक राशि को सभी पूर्व MLC के लिए निश्चित पेंशन मानना सही नहीं होगा। नवीनतम नियमों और आधिकारिक अधिसूचनाओं के आधार पर ही अंतिम राशि की पुष्टि की जानी चाहिए।

कुल मिलाकर, बिहार के विधान पार्षदों को मूल वेतन के साथ विभिन्न प्रकार के भत्ते और सुविधाएं मिलने का प्रावधान है। हालांकि, वेतन, पेंशन और सुविधाओं से जुड़े आंकड़ों में समय-समय पर संशोधन हो सकता है। इसलिए किसी भी राशि को अंतिम मानने से पहले बिहार विधानमंडल या राज्य सरकार की नवीनतम आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।

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