Nagpanchami: इस साल यानी 2026 में नागपंचमी 17 अगस्त को मनाय जा रहा है। नागपंचमी हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले अनेकों त्योहारों में से एक है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और नागों के साथ उनका विशेष संबंध माना जाता है। यही वजह है कि पवित्र श्रावण मास में एक दिन नाग देवता की पूजना अर्चना के लिए भी निर्धारित किया गया है, जिसे हम नागपंचमी के नाम से जानते हैं।
नाग पंचमी के दिन भूल कर भी नहीं करना चाहिए…..
1. सांप को दूध पिलाने से बचें: कई जगहों पर देखने में आता है कि लोग नागपंचमी के दिन सांपों को दूध पिलाने की कोशिश करते हैं। वास्तव में आपको बता दें कि दूध सांप के लिए कोई प्राकृतिक आहार नहीं है। दूध सांपों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होता है। बेहतर हो कि आप नाग देवता की मूर्ति पर ही दूध अर्पित करंे।
2. नागों को नुकसान न पहुंचाएं: हिंदू धर्म की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां हर त्योहार मानवता का संदेेश देता है। नागपंचमी की पूजा का मुख्य उद्देश्य ही प्रकृति और प्राकृतिक जीवों का संरक्षण और सम्मान अर्पित करना है। नागपंचमी के दिन अगर आपको घर के आसपास सांप दिखाई दे तो उसे छेड़ने की बजाय वन विभाग की टीम को सूचित करें और दूर से ही उन्हें नमस्कार कर अपना सम्मान प्रकट करें।
3. मान्यताओं के अनुसार नागपंचमी के दिन जमीन खोदना, हल चलाना और बिना मतलब के मिट्टी खोदना शुभ नहीं माना जाता है। इसके पीछे की मान्यता है कि बरसात के दिनों में सांप, नाग और दूसरे जीव जमीनों के बिलों में छुपकर रहते हैं। खुदाई करने से उनके आवास को नुकसान पहुंच सकता है। एक तरफ उनकी पूजा और दूसरी तरफ उनके आवास को नुकसान पहुंचाना, इसे उचित नहीं माना जाता।
4. मांसाहार से करे परहेज: वैसे तो पूरे सावन महीने में ही मांस मछल अंडे शराब और प्याज लहसुन का सेवन वर्जित माना जाता है लेकिन नागपंचमी के दिन तो भूल कर ही इनमें से किसी भी पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
5. लोहे के तवे और कड़ाही का प्रयोग न करें: नागपंचमी के दिन आज भी हमारे यहां लोहे के तवे और कड़ाही का प्रयोग नहीं किया जाता है। आज के दिन रसोईंघरों में वैसे ही खाने पकाए जाते हैं जिनमें कड़ाही और तवे का इस्तेमाल न होता हो। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
6. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार नागपंचमी के दिन नुकीली और धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जैसे सूई, चाकू आदि का नागपंचमी के दिन इस्तेमाल करना अशुभ माना जाता है।
7. इसके साथ ही आपको बता दें कि नागपंचमी के दिन तांबे के लोटे से शिवलिंग या नाग देवता को दूध अर्पित नहीं करना चाहिए। नागपंचमी के दिन जल चढ़ाने के लिए तांबे और दूध के लिए पीतल के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए।
तो देखा आपने, नाग पंचमी से जुड़ी ये मान्यताएं सदियों से हमारी परंपरा का हिस्सा रही हैं। इनका उद्देश्य नाग देवता की पूजा के साथ–साथ प्रकृति और जीव–जंतुओं के प्रति सम्मान का संदेश देना भी है।
इन मान्यताओं को धार्मिक परंपरा और लोकविश्वास के रूप में समझें, डर के रूप में नहीं।
हर हर महादेव! जय नाग देवता!
डिस्क्लेमर: नागपंचमी से जुड़ी ये बातें धार्मिक मान्यताओं और लोकविश्वासों पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक सलाह या डर के रूप में नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था के संदर्भ में समझें।
also read: Sawan: सावन के महीने में मांस मछली क्यों नहीं खाने चाहिए, जान जाएंगे तो कभी नहीं खाएंगे….
