Purity Of Gold:सोना सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि भारत में परंपरा, आस्था और निवेश का प्रतीक माना जाता है। शादी-ब्याह, त्योहार या किसी खास अवसर पर सोना खरीदना हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। लेकिन जब भी हम सोना खरीदने जाते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है – क्या यह सोना असली है या इसमें मिलावट हो सकती है। यही चिंता अब भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS ने हॉलमार्किंग के जरिए दूर की है।

BIS हॉलमार्क क्या है और क्यों जरूरी है?
हॉलमार्क सोने की शुद्धता का सबसे भरोसेमंद तरीका है। यह असली सोने और नकली सोने में अंतर स्पष्ट करता है। जब आप सोना खरीदने जाएं, तो सबसे पहले हॉलमार्क पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। यही निशान आपके पैसे की पूरी कीमत दिलाने और धोखाधड़ी से बचाने का भरोसेमंद साधन है।
सोने की शुद्धता को कैरेट में मापा जाता है। 24 कैरेट सोना शुद्धतम होता है, यानी इसमें 99.9% शुद्धता होती है। लेकिन यह बहुत मुलायम होता है, इसलिए गहनों के लिए उपयुक्त नहीं। इसलिए ज्वेलरी में अक्सर 22 कैरेट या 18 कैरेट का सोना इस्तेमाल होता है।
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22 कैरेट सोना लगभग 91.6% शुद्ध होता है और आमतौर पर गहनों में इस्तेमाल किया जाता है।
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18 कैरेट सोना लगभग 75% शुद्ध होता है और इसका इस्तेमाल खास डिजाइनर ज्वेलरी या हीरे के गहनों में होता है।

हॉलमार्क के चार महत्वपूर्ण निशान
जब आप किसी ज्वेलरी स्टोर से सोना खरीदते हैं, तो उसमें चार निशान होने चाहिए:
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BIS का लोगो – यह प्रमाणित करता है कि सोना भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जाँचा गया है।
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कैरेट या शुद्धता का नंबर – जैसे 22K916, जो बताता है कि सोना कितना शुद्ध है।
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ज्वेलर की पहचान संख्या – जिससे यह पता चलता है कि सोना किस ज्वेलर द्वारा बेचा जा रहा है।
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जांच केंद्र का कोड – जो जाँच की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करता है।
इन चार निशानों की मदद से ही आप असली और नकली सोने में फर्क कर सकते हैं।
BIS Care App – तकनीक से सुरक्षित खरीदारी
BIS ने ग्राहकों की सुविधा के लिए BIS Care App भी शुरू किया है। इस ऐप में आप हॉलमार्क नंबर डालकर तुरंत यह जांच सकते हैं कि आपका सोना असली है या नहीं। यह तकनीक आपको ज्वेलर पर पूरी तरह भरोसा करने की बजाय खुद जांच करने का अवसर देती है।

सस्ते सोने की धोखाधड़ी से बचें
कई लोग सस्ते दाम में बिना हॉलमार्क वाला सोना खरीद लेते हैं। यह सबसे जोखिम भरा कदम है क्योंकि इसमें मिलावट की संभावना अधिक रहती है और resale के समय इसका सही मूल्य नहीं मिलता। इसलिए चाहे छोटी चेन हो या बड़ी ज्वेलरी, हमेशा BIS हॉलमार्क जांचें बिना सोना न खरीदें।
सोना – सिर्फ गहना नहीं, निवेश का साधन भी
आजकल सोना सिर्फ गहनों के लिए नहीं बल्कि निवेश और सुरक्षा का एक मजबूत साधन भी बन गया है। कई लोग भविष्य की जरूरतों, बच्चों की शादी या मुश्किल समय के लिए सोना खरीदते हैं। लेकिन यह तभी सही मायनों में सुरक्षा बन सकता है जब आप शुद्ध और प्रमाणित सोना ही खरीदें।
इसलिए अगली बार जब आप सोने की दुकान जाएं, तो ज्वेलर के भरोसे न रहें। खुद BIS हॉलमार्क, कैरेट और चार निशानों की जांच करें। ऐप के जरिए भी चेक करें और तभी सोना खरीदें। सही जानकारी और जागरूकता से ही आप न केवल परंपरा निभाएंगे बल्कि अपने निवेश को सुरक्षित भी रखेंगे।

सोना खरीदते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। BIS हॉलमार्क और कैरेट निशान आपके पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। तकनीक और जानकारी का सही इस्तेमाल करके आप धोखाधड़ी से बच सकते हैं और अपने सोने का असली मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आप अपने निवेश और परंपरा दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।
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