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Pilot Rank Stripes: जब भी हम किसी एयरलाइन के पायलट को देखते हैं, तो उनकी स्मार्ट यूनिफॉर्म, कंधे पर चमचमाते हुए स्ट्राइप्स के साथ एक खास आकर्षण का केंद्र होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इन स्ट्राइप्स का मतलब क्या होता है? क्या ये सिर्फ सजावट का हिस्सा हैं या इनके पीछे कोई गहराई छुपी है? चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर ये स्ट्राइप्स पायलट की पहचान में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।

Why do pilots wear a uniform

स्ट्राइप्स – सिर्फ फैशन नहीं, रैंक की पहचान

पायलट्स की वर्दी में कॉलर या शोल्डर के पास जो गोल्डन या सिल्वर रंग की पट्टियां (stripes) होती हैं, वे असल में उनकी रैंक और अनुभव का प्रतीक होती हैं। ये स्ट्राइप्स इस बात का संकेत देती हैं कि वह पायलट किस स्तर का है — जैसे कि ट्रेनिंग फेज में है, कोपायलट है या फिर फ्लाइट का कैप्टन है।

फ्लाइंग अवर्स: स्ट्राइप्स का आधार

इन स्ट्राइप्स को हासिल करना आसान नहीं होता। इसके पीछे एक लंबा और मेहनत भरा सफर होता है, जिसे ‘फ्लाइंग आवर्स’ कहा जाता है। सरल भाषा में कहें तो फ्लाइंग आवर्स का मतलब है — पायलट ने कितने घंटे तक विमान को हवा में उड़ाया है। यही अनुभव उसकी रैंक को निर्धारित करता है।

एकएक करके स्ट्राइप्स कैसे मिलते हैं?

  1. प्रारंभिक सिल्वर स्ट्राइप:
    जब कोई ट्रेनी पायलट फ्लाइंग स्कूल से प्रशिक्षण ले रहा होता है, तो उसे एक सिल्वर स्ट्राइप मिलती है, जो दर्शाती है कि वह अभी सीखने की प्रक्रिया में है।
  2. पहली गोल्ड स्ट्राइप:
    जैसे ही वह पायलट किसी कमर्शियल एयरलाइन द्वारा हायर किया जाता है और उसकी ट्रेनिंग पूरी हो जाती है, उसे पहली गोल्डन स्ट्राइप दी जाती है। अब वह अधिकृत कोपायलट बन जाता है।
  3. दूसरी स्ट्राइप (100-200 फ्लाइंग आवर्स):
    जैसेजैसे पायलट अनुभव प्राप्त करता है और कम से कम 100 से 200 घंटे की उड़ान पूरी कर लेता है, उसे दूसरी गोल्डन स्ट्राइप मिलती है।safeimagekit shutterstock 1034070187 1685439328849
  4. तीसरी स्ट्राइप (1000+ फ्लाइंग आवर्स):
    तीसरी गोल्डन स्ट्राइप आमतौर पर उस समय दी जाती है जब पायलट ने 1000 से 1500 घंटे की उड़ान पूरी कर ली होती है। अब वह सीनियर फर्स्ट ऑफिसर के रूप में कार्य करता है।Why do pilots wear a uniform
  5. चौथी स्ट्राइप – कैप्टन की पहचान (5000 फ्लाइंग आवर्स):
    यह सबसे प्रतिष्ठित स्ट्राइप होती है। जब कोई पायलट 5000 फ्लाइंग आवर्स पूरा कर लेता है, तो उसे चौथी गोल्डन स्ट्राइप दी जाती है। यही स्ट्राइप उस पायलट को कैप्टन के पद पर पहुंचाती है। अब वह उस विमान की पूरी जिम्मेदारी संभालने के लिए योग्य हो जाता है।

     

तो अगली बार जब आप किसी पायलट की यूनिफॉर्म पर स्ट्राइप्स देखें, तो समझ जाइए कि ये सिर्फ शोऑफ नहीं, बल्कि उनके अनुभव और मेहनत की चमक हैं। एकएक स्ट्राइप उनके हज़ारों घंटे की लगन, अनुशासन और जिम्मेदारी की कहानी बयां करती है।

ये जानकारी न सिर्फ एयरलाइन्स के भीतर की दुनिया को थोड़ा और करीब से समझने में मदद करती है, बल्कि उन युवाओं को भी प्रेरित कर सकती है जो पायलट बनने का सपना देख रहे हैं।

 

आपको यह जानकारी कैसी लगी और क्या आपको ये पहले से पता था हमें कमेन्ट सेक्शन में लिखकर जरुर बताएं. विडियो के अंत तक बने रहने के लिए धन्यवाद

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