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राजनाथ जी आपसे यह उम्मीद नहीं थी‘, राहुल गांधी को पीछे बिठाने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति

आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित स्वतंत्रता समारोह में प्रतिष्ठित लाल किले की प्राचीर से 11 वीं बार प्रधानमंत्री मोदी ने तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया. इस समारोह में केन्द्रीय सरकार के सभी मंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सहित सभी गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. वंही, इनके अलावा पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम को भी आमंत्रित किया गया था. राहुल गांधी स्वतंत्रता समारोह के दौरान पहली बार नेता प्रतिपक्ष के रूप में पंहुचे थे. वंही, समारोह के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सिटिंग अर्रेंज्मेंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता समारोह के दौरान यह देखा गया, कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पीछे से दूसरी और आगे से चौथी लाईन पर बिठाया गया था. जिस लाईन वे बैठे थे, उनमे पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय हॉकी टीम के कुछ खिलाडी बैठे थे. राहुल के आगे भी पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले कुछ खिलाडी बैठे हुए थे. जबकि, पहली लाईन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड और केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, शिवराज सिंह चौहान, अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर बैठे थे. जबकि, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पीछे के दो लाईन में भी कुछ गणमान्य व्यक्ति बैठे थे. वंही, अब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे के लाईन में बिठाने को लेकर सोशल मीडिया पर इस बात की खूब चर्चा हो रही है. राहुल गांधी को पीछे बिठाने को विपक्ष के 233 सांसदों के प्रतिनिधि का अपमान बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है, कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान सोनिया गांधी को हमेशा आगे की लाईन में ही सीट दी जाती थी. इसके अलावा विपक्ष के कई नेता ने भी इस बात पर आपत्ति जताई है, और सरकार पर स्वतंत्रता समारोह के दौरान भी राजनीति करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार पर तंज कसे हैं, और रक्षा मंत्रालय से राहुल गांधी को पीछे बैठने को लेकर सवाल किया है.

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कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सवाल करते हुए पूछा है कि, रक्षा मंत्रालय इतना ख़राब व्यवहार क्यूँ कर रहा है? उन्होंने कहा, कि नेता प्रतिपक्ष का पद किसी भी केन्द्रीय मंत्री से बड़ा होता है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रधानमंत्री के बाद आते है. बाबजूद इसके नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को चौथी कतार में बिठाया गया. कांग्रेस सांसद ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सवाल पूछते हुए कहा कि आप रक्षा मंत्रालय को राष्ट्रिय समारोह का राजनीतिकरण करने की इजाजत कैसे दे सकते हैं. आपसे इसकी उम्मीद नहीं थी.

वंही, अब राहुल गांधी के सिटिंग अर्रेंजमेंट को लेकर रक्षा मंत्रालय ने अपनी सफाई दी है. रक्षा मंत्रालय ने बताया है, कि आगे की लाईन इस साल ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए अलॉट की गयी थी, जिसकी वजह से राहुल गांधी को पीछे की कतार में बैठना पड़ा. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस बार ओलंपिक विजेताओं के लिए सीट अलॉट होने की वजह से कुछ केन्द्रीय मंत्रियों को भी इस बार पीछे बैठना पड़ा है.

आपको बता दें कि, प्रोटोकॉल के अनुसार लोकसभा में विपक्ष के नेता को हमेशा आगे की पंक्ति में सीट अलॉट किया जाता है.

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