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यह साल तो खत्म होने वाला है लेकिन आने वाला साल यानी 2023 भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए ढेरों खुशियां लिए खड़ा है. भारत ने बांग्लादेश को उनके घर में 2-0 से टेस्ट सीरीज हराकर साल की सम्पति की मगर पूरे साल में टीम इंडिया ने कुछ ऐसी गलतियां की, जिसका खामियाजा उन्हें बड़े टूर्नामेंट में हारकर चुकाना पड़ा. इसलिए साल 2022 टीम इंडिया के लिए निराशाजनक ही समझा जाएगा. भारत ने एशिया कप के साथ-साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सुनहरा मौका भी गंवा दिया था. भारत इन दोनों मेगा टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने में नाकाम रही. लेकिन क्या थी वो गलतियां जिसका खामियाजा टीम इंडिया को बीते साल में भुगतना पड़ा. इस विडियो में हम उन्हीं गलतियों का जिक्र करेंगे. और इन गलतियों को अगर फिर से दोहराया गया तो आने वाले साल में भी टीम इंडिया को निराशा ही हाथ लगेगी, इसमें कोई दो राय नहीं है. अगर टीम इंडिया अपने गलतियों से सीख नहीं लेगी तो 2023 में भी होने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम को हार का सामना करना पड़ेगा.

1. कप्तानी में स्थिरता

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किसी भी टीम में एक कप्तान का रोल बड़ा अहम होता है, उन्हें ये पता होता है कि टीम को किस दिशा में ले जाना है और किन खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ना है. लेकिन इस साल टीम इंडिया के साथ ऐसा नहीं हुआ. 2022 में हमने कुल 7 अलग-अलग भारतीय कप्तान देखे. विराट कोहली के कप्तानी छोड़ते ही टीम मैनेजमेंट ने रोहित शर्मा को कप्तान बनाया लेकिन कभी इंजरी और कभी वर्क लोड मैनेजमेंट के चलते वो टीम से बाहर ही रहे. रोहित के अलावा केएल राहुल, शिखर धवन, जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या को हमने कप्तान के रूप में देखा. इस साल भारतीय टीम को वो गलती से बचना होगा. इसलिए इस साल टीम प्रबंधन को चाहिए कि वो कप्तानी वाले मसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे. टीम एक या दो कप्तानों की अगुवाई में ही खेले ताकि इस साल टीम को वैसी परेशानी का सामना ना करना पड़े.

2. टीम चयन पर देना होगा ध्यान

Sanju Samson and Deepak Hooda

भारतीय टीम मैनेजमेंट को आने वाले साल में टीम के चयन पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा. बीते साल में खासकर टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के चयन पर काफी सवाल उठे. कई बार खिलाड़ियों को स्क्वाड में तो चुना गया लेकिन प्लेइंग 11 में उन्हें जगह नहीं मिली, जब्किक वो खिलाड़ी अच्छे फॉर्म में थे और बढ़िया प्रदर्शन करते आ रहे थे. उदाहरण स्वरुप टी20 वर्ल्ड कप में भारत के पास कोई बाएं हाथ का बल्लेबाज ना होने के बावजूद टीम ने ऋषभ पंत को मौका नहीं दिया वहीं शानदार फॉर्म में चल रहे युज्वेंद्र चहल को एक भी मैच नहीं खिलाया गया. हाल ही में संपन्न हुए बांग्लादेश-टेस्ट सीरीज के पहले मैच के ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे कुलदीप यादव को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया. संजू सैमसन को चयनकर्ताओं ने दुत्कारने के अलावा कुछ नहीं किया. वो टीम से अंदर-बाहर होते रहे. लेकिन 2023 में भारतीय टीम को इन गलतियों को दुत्कारना होगा. मैनेजमेंट को उन खिलाड़ियों को मौका देना होगा, जो घरेलु क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों.

3. युवा खिलाड़ियों पर भरोसा

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अब समय आ गया है कि टीम को अपने स्टार और दिग्गज खिलाड़ियों से आगे सोचना होगा, टीम इंडिया को अब भविष्य देखना होगा. इसलिए मैनेजमेंट को खराब फॉर्म में चल रहे सीनियर खिलाड़ियों को ड्रॉप कर युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना होगा. अभी हाल में युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने वनडे अंतराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक बनाकर सनसनी मचा दी है. ईशान ने बांग्लादेश दौरे पर खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे मैच में चोटिल रोहित शर्मा की जगह खेलते हुए 210 रनों की पारी खेली थी. सिर्फ 126 गेंदों पर दोहरा शतक जड़कर उन्होंने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. किशन ने दोहरा शतक लगाकर फैंस सहित चयनकर्ताओं को भी हैरान कर दिया है और अब वो चाहकर भी ईशान किशन को नजरंदाज नहीं कर पाएंगे. आजे के आधुनिक युग के क्रिकेट में जहां अन्य टीम पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की ओर देखती है, पूरे साल टीम इंडिया धीमी बल्लेबाजी करती हुई दिखी. धवन को आगामी श्रीलंका दौरे से बाहर किया है, उम्मीद है पूरे साल टीम मैनेजमेंट ऐसे ही खिलाड़ियों को मौके दे, जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों.

4. इंजरी मैनेजमेंट

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साल 2022 में भारत के कई प्रमुख खिलाड़ी चोट के चलते टीम से बाहर हुए. जसप्रीत बुमराह से लेकर रवीन्द्र जडेजा तक, टीम इंडिया के कोर खिलाड़ी चोटों से परेशान रहे. टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा ने बीते साल सिर्फ 2 टेस्ट ही खेल पाए. इस सूचि में कप्तान रोहित शर्मा के अलावा दीपक चाहर, वाशिंगटन सुंदर समेत कई बड़े नाम भी शामिल हैं. टीम मैनेजमेंट को इस साल खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखना होगा और इंजरी मैनेजमेंट की दिशा में काम करना होगा. अगर भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचता है तो उसके अलावा उन्हें एशिया कप और वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लेना है.

5. वर्कलोड मैनेजमेंट

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बीते साल में ये भी खूब देखा गया कि खिलाड़ियों को वर्कलोड के नाम पर जरुरत से ज्यादा आराम दिए गए. यही कारण था बीते साल में हमने टीम के 7 अलग-अलग कप्तान देखे. खिलाड़ियों के ज्यादा आराम की वजह से वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट में प्लेइंग 11 को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई. इंडियन टीम मैनेजमेंट को आने वाले साल में इस बारे में सोचना होगा. टीम को आगामी वनडे वर्ल्ड कप देखते हुए अपने कोर खिलाड़ियों का चयन करना होगा और साथ ही उन्हें हर वनडे सीरीज में खिलाने की जरुरत है.

अब आप बताइए, आपके अनुसार भारतीय टीम के लिए साल 2023 कैसा घटेगा ? कमेंट में जरुर बताएं.

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