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बिहार में मेट्रो निर्माण को लेकर लगातार काम चल रहा है. ऐसे में राजधानी पटना में मेट्रो निर्माण को लेकर बिहार सरकार लगातार जोर दे रही है. बता दें कि राजेंद्र नगर के पास मोइनुल हक स्टेडियम परिसर में सबसे पहले भूमिगत मेट्रो के लिए खुदाई का काम शुरू किया जाना है. बताया जा रहा है कि मोइनुल हक में सबसे पहले डी वॉल का निर्माण कराया जाएगा. इसके बाद टनल बोरिंग मशीन को काम में लगाया जाएगा. जानकारी के अनुसार पटना मेट्रो में टनल बनाने के लिए करीब 70 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है. टनल मशीन के निर्माण को लेकर चीन से मशीने मंगवाई जा रही है. बताया जा रहा है कि अगले दो महीने में इस टनल के निर्माण की शुरूआत हो जाएगी.

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पटना में मेट्रो निर्माण को लेकर एक दूसरा मामला यह भी अटक रहा है कि मेट्रो के लिए डिपो की जमीन के साथ ही विदेशी ऋण का मामला भी अलट गया है. बता दें कि पहाड़ी व रानीपुर में मेट्रो डिपो निर्माण को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से अक्टूबर 2021 में ही अधिसूचना निकाली गई थी. जिसमें इस बात का जिक्र किया गया था कि अगले छह महीने के अंदर मेट्रो के जमीन का अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी कर लेनी है. लेकिन स्थिति यह है कि एक साल हो जाने के बाद भी यह संभव नहीं हो सका है. आपको बता दें कि स्थानीय लोगों के विरोध के बाद यह पूरा मामला अटका है. आपको बता दें कि पटना मेट्रो के निर्माण के लिए कुल 17.5 हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं जिसका 60 प्रतिशत पैसा जापान की कंपनी जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी यानी जायका से लोन लेना है. बता दें कि इस लोन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जायका के प्रतिनिधिमंडल ने पांच से छह महीने तक इस पूरे कार्यों का अवलोकन किया था. हालांकि बिहार सरकार को जायका से लोन लेने के लिए जमीन का अधिग्रहण दिखाना जरूरी है. लेकिन स्थानीय लोगों के दखल के बाद से मेट्रो डिपो निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है.

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दरअसल स्थानीय लोग अपन मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चले गए हैं जिसके बाद यह पूरा मामला अधर में चला गया है. बता दें कि पिछले दिनों इन इलाकों में जहां पर मेट्रो के इंजीनियर द्वारा पाइलिंग को लेकर लोकेशन दिया गया था वहां पर जब वे पाइलिंग के लिए गए तो स्थानीय़ लोगों ने उन्हें वहां से भगा दिया. बताया जा रहा है कि 45 स्थानीय लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा. इस पूरे क्षेत्र में 1 हजार लोगों में से 750 लोगों ने दावाआपत्ति के रूप में विरोध किया था. ऐसे में अब जब पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं तो इधर मेट्रो निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है. ऐसे में अब यही उम्मीद की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद ही इसमें कोई नया अपडेट सामने आ सकता है.

आपको बता दें कि राजधानी पटना के दो अलग अलग हिस्सों में मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा है. ऐसे में मेट्रो स्टेशन एलिवेटेड रूट के साथ ही अंडरग्राउंड रूटों पर भी काम चल रहा है. बताया जा रहा है कि इन दिनों रूटों को अगर मिला दें तो कुल 26 स्टेशन का निर्माण होना है. बता दें कि पटना मेट्रो के कोरिडोर टू को पहले बनाने की बात कही जा रही है. मीडिया में चल रही खबरों की माने तो 2026 तक पटना में मेट्रो शुरू होने की बात कही जा रही है.

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