टीम इंडिया में जगह बना पाना हर की किसी के बाकी बात नहीं, करोड़ों खिलाड़ी भारतीय टीम की जर्सी पहनने की तम्माना रखते है मगर वह कुछ चंद खुशनसीब ही होते है जिसको यह मौका मिलता और फिर वह टीम में अपनी जगह पक्की कर लेते है। छोटे वीरेंद्र सहवाग के नाम से मशहूर ताबड़तोड़ बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में खेली गई टेस्ट सीरीज के बाद से टीम में जगह नहीं मिली। मुख्य टीम की बात तो छोड़ दीजिए हाल ही में खेली जा रही वनडे सीरीज में भी उनकी जगह नहीं मिली है। इसी के बाद शॉ अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और उन्होंने बयान दिया है।
सीनियर खिलाड़ियों की टोली ऑस्ट्रेलिया की सरजमी पर टी 20 वर्ल्ड कप से पहले प्रैक्टिस करने के लिया पहुंच गई है। इसी वजह से साउथ अफ्रीका के खिलाफ बीसीसीआई को उन खिलाड़ियों का चुनाव करना पड़ा जो कि टी 20 का हिस्सा नहीं था। इसी बीच रणजी ट्रॉफी और आईपीएल में अपनी दमदार पारियों के दम पर भारतीय टीम की हुंकार भरने वाले पृथ्वी शॉ को एक बार फिर निराशा ही हाथ लगी है। इसके इलावा शॉ ने पिछले पांच मैचों में दो शतक की भी जड़े है। उन्होंने दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में शतक बनाए।

पृथ्वी शॉ का दर्द फूट पड़ा
पृथ्वी शॉ ने एक इंटरव्यू में कहा वास्तव में मैं निराश हु, मैं रन बनाता रहता हूं। मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं लेकिन मुझे मौका नहीं मिल रहा है। पर यह ठीक है। जब चयनकर्ताओं को लगेगा कि मैं तैयार हूं तो वे मुझे मौका देंगे। मुझे जो भी मौके मिलेंगे मैं उसमें सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास करूंगा। साथ ही मैं अपने फिटनेस का भी ध्यान रखूंगा।
उन्होंने आगे यह भी कहा “मैंने आईपीएल के बाद 7 से 8 किलो वजन कम किया है। अपनी बल्लेबाजी से ज्यादा मैं फिटनेस पर ध्यान दे रहा हु। मुझे मीठा पसंद है मैंने मिठाई भी छोड़ दी है।” पृथ्वी शॉ को अब आप सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में गेंदबाजी की पिटाई करते हुए देखेंगे।
