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भारतीय क्रिकेट टीम में बिहार के एक और बेटे की हुई एंट्री, बिहार का लाल बल्लेबाजी के साथ ही गेंदबाजी में भी दिखाएगा कमाल. बिहार में एक कहावत जिसमें बड़े अपने छोटे बच्चों को कहते हैं पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब खेलोगे कुदोगे बनोगे खराब… ठीक इसी कहावत को दुहराते हुए बिहार के बेटे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में जब आप अपने माता–पिता से कहते हैं कि आप क्रिकेट को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो वे हमेशा ‘नहीं‘ कहते हैं. वे चाहते थे कि मैं पढ़ूं और अच्छी नौकरी पाऊं.”आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में जिनका चयन इंडिया टीम में हुआ है.

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आज हम बात करने जा रहे हैं बिहार के लाल मुकेश कुमार के बारे में… मुकेश कुमार का चयन भारतीय टीम में हुआ है. दक्षिण अफ्रिका के साथ होने वाले वन-डे सीरीज में बिहार का यह यह खिलाड़ी विपक्षियों को अपनी रफ्तार से परेशान करता हुआ दिखाई देगा. मुकेश के भारतीय टीम में चयन पर प्रदेश में जश्न का माहौल हैं. मुकेश बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं. पिछले साल उनके पिता की मृत्यु हो गई है. वे कोलकाता में ऑटो चला कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे. मुकेश ने कहा था कि रणजी ट्रॉफी फाइनल से पहले उनके पिता जी का ब्रेन स्टोक के चलते निधन हो गया था. उन्होंने कहा कि मैं बहुत भावुक हो गया सब धुंधला सा लग रहा था. जब तक मैं बंगाल के लिए रणजी में नहीं खेला तब तक मेरे पिता को नहीं लगा कि मैंपेशेवर तौर पर खेलने के लिए अच्छा हू्ं उनको शक था कि मैं काबिल हूं भी या नहीं. मुकेश ने आज अपने मेहनत के दम पर कर दिखाया कि वे कितने काबिल हैं. आज अगर मुकेश के पिता इस धरती पर होते तो बहुत खुश होते.

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मुकेश के अगर हम क्रिकेट सफर की बात करें तो गोपालगंज में प्रतिभा की तलाश प्रतियोगिता का आयोजन चल रहा था जिसमें इन्होने अपने गेंदबाजी से लोगों को काफी प्रभावित किया. इस प्रतियोगिता में हुए सात मैच में उन्होने एक हैट्रिक के सात ही 34 विकेट अपने नाम क र लिया. इसके बाद उनका चयन जमुई टीम के लिए हो गया. इसके बाद स्टीयरिंग कमेटी के अंडर -19 क्रिकेट टूर्नामेंट में मुकेश ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया लेकिन दुर्भाग्य देखिए उस समय के बाद बिहार में क्रिकेट की मान्यता ही रद्द हो गई. जिसके बाद मुकेश को बंगाल जाना पड़ा. लेकिन जब वे बंगाल गए तो उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा. मुकेश का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में शानदार रहा. उन्होंने दो सीजन 30 विकेट अपने नाम कर चयनकर्ताओं के चुनने पर मजबूर कर दिया. इसके बाद मुकेश का चयन भारत ए टीम में हुआ. जिसमें उन्होंने पदार्पण करते हुए चार दिवसीय टेस्ट मैच में पांच विकेट लिए और पूरी सीरीज में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी कर चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया. इसके बाद ईरानी ट्राफी में शेष भारत की ओर से खेलते हुए सौराष्ट्र के खिलाफ बेहतरीन स्विंग गेंदबाजी का प्रदर्शन करत हुए चार विकेट अपने नाम कर लिया. जिसका परिणाम हुआ कि मुकेश का चयन दक्षिण अफ्रिका के खिलाफ खेले जाने वाले मुकाबले में चयन हो गया है. इस भारतीय टीम में बिहार की तरफ से बल्लेबाजी कि जिम्मेदारी ईशान किशन के पास होगी तो वहीं बॉलिंग की जिम्मेदारी मुकेश कुमार के पास होगी. यह पहली बार होगा जब बिहार का कोई खिलाड़ी इंडिया टीम में एक साथ खेलते हुए दिखाई देगा.

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